बलरामपुर गोरखपुर–फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में बलरामपुर में मतदान के साथ सियासी सरगर्मी भी तेज हो गई है। एक ओर एनडीए प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में भाजपा नेताओं ने शिक्षकों के एकजुट होने का दावा किया, तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने पुरानी पेंशन, शिक्षक हितों और सम्मान के मुद्दे पर सरकार को घेरा। जिले के सभी 10 मतदान बूथों पर शांतिपूर्ण मतदान जारी रहा। सुबह 11 बजे तक 25.46 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। जनपद में स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विकास खंड श्रीदत्तगंज, विकास खंड उतरौला तथा एमपीपी इंटर कॉलेज, बलरामपुर में मतदान व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और मतदाताओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। डीएम ने सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और अन्य अधिकारियों से मतदान की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश उन्होंने कहा कि सभी कार्मिक पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी से अपने दायित्व निभाएं। एसपी ने पुलिस बल को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। पूर्व मंत्री एवं सदर विधायक पलटूराम ने एनडीए प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में माहौल होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक एकजुट होकर उन्हें दोबारा एमएलसी बनाने के लिए मतदान कर रहे हैं। उनके अनुभव को देखते हुए शिक्षकों ने फिर से उन्हें अवसर देने का संदेश दिया है। भाजपा जिला महामंत्री एवं शिक्षक अजय सिंह ने भी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को शिक्षकों का समर्थन मिलने का दावा करते हुए कहा कि भाजपा शिक्षकों के हितों और सम्मान के लिए काम कर रही है। इंडिया गठबंधन का समर्थन प्राप्त सपा विधायक राकेश यादव ने कहा कि पार्टी प्रत्याशी डॉ.संजय त्रिपाठी को इंडिया गठबंधन का समर्थन प्राप्त है।उनके मुताबिक,शिक्षक और बुद्धिजीवी वर्ग सपा की ओर उम्मीद से देख रहा है।उन्होंने कहा कि नेताजी के कार्यकाल से ही शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण काम किए गए हैं। वहीं, श्रावस्ती से सपा सांसद के प्रतिनिधि सुनील चौधरी ने पुरानी पेंशन बंद किए जाने और शिक्षकों के अधिकारों से जुड़े प्रावधानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों के हितों की अनदेखी के विरोध में यह चुनाव महत्वपूर्ण है। बलरामपुर में कुल 982 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 839 पुरुष और 143 महिलाएं शामिल हैं। सभी 10 बूथों पर मतदान कार्मिकों और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। अब शिक्षकों के मतों से तय होगा कि चुनावी मैदान में किस प्रत्याशी को बढ़त मिलती है।

