13 दिसंबर 2026 को बिहार के मौजूदा DGP (पुलिस महानिदेशक) विनय कुमार का 2 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वैशाली के रहने वाले 1992 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार को नीतीश कुमार की सरकार ने 13 दिसंबर 2024 को DGP बनाया था। उनकी नियमित सेवा अवधि 30 सितंबर 2025 को पूरी होनी थी। DGP के पद पर नियुक्ति के बाद कार्यकाल बढ़ाकर 13 दिसंबर 2026 तक किया गया। विनय कुमार का कार्यकाल खत्म होने में करीब तीन महीने बचे हैं। ऐसे में बिहार के अगले DGP को लेकर प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज है। पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग तक संभावित नामों को लेकर चर्चा है। बिहार सरकार इस महीने नए DGP की सूची UPSC को भेजने जा रही है। भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, DGP की रेस में कौन-कौन IPS अफसर हैं…। DGP की रेस में 6 IPS अफसर अभी आधिकारिक तौर पर नए DGP के लिए किसी नाम की घोषणा नहीं हुई है। सीनियरिटी, सेवा अवधि, मौजूदा पद, प्रशासनिक अनुभव और सरकार के संभावित सामाजिक समीकरण को देखते हुए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें कुंदन कृष्णन, जितेंद्र सिंह गंगवार, जितेंद्र कुमार और अमित कुमार प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं। सीनियरिटी के लिहाज से प्रीता वर्मा का नाम भी महत्वपूर्ण है। 1. कुंदन कृष्णन: AK-47 वाले IPS की सबसे मजबूत दावेदारी 1994 बैच के IPS अधिकारी कुंदन कृष्णन मौजूदा समय में बिहार पुलिस में DG ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जनवरी 2026 में उन्हें STF और स्पेशल ब्रांच की भी जिम्मेदारी दी गई। कुंदन कृष्णन की सबसे बड़ी ताकत उनका लंबा फील्ड और ऑपरेशनल अनुभव है। वह 31 मार्च 2029 को रिटायर होंगे। रेस में आगे होने की वजह क्या? 2. जितेंद्र कुमार: सबसे सीनियर दावेदारों में से एक, लेकिन दिल्ली जाने की चर्चा 1993 बैच के IPS अधिकारी जितेंद्र कुमार भी DGP की रेस में अहम नाम हैं। बैच के लिहाज से वे 1994 बैच के कुंदन कृष्णन और अमित कुमार से एक साल सीनियर हैं। जितेंद्र फिलहाल सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड के चेयरमैन हैं। उनके पास BSAP का अतिरिक्त प्रभार है। उनका रिटायरमेंट 31 मार्च 2030 को है। DGP बनने की स्थिति में उनके पास लंबा कार्यकाल उपलब्ध होगा। जितेंद्र कुमार की पहचान एक शांत, प्रशासनिक और नियमों के मुताबिक काम करने वाले अधिकारी के तौर पर है। उन्होंने बिहार पुलिस में CID और दूसरे महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है। जितेंद्र के पक्ष में सबसे बड़ा प्लस पॉइंट सीनियरिटी 3. अमित कुमार: PM मोदी की सुरक्षा में लगे हैं 1994 बैच के IPS अधिकारी अमित कुमार इस रेस के सबसे अलग दावेदार हैं। वे फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। SPG में OSD की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। अमित 31 अक्टूबर 2030 को रिटायर होंगे। सेवा अवधि के लिहाज से उनके पास लंबा समय है। बिहार के हैं। पटना और नालंदा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिसिंग का अनुभव रखते हैं। 4. जितेंद्र सिंह गंगवार: UP कनेक्शन और लव-कुश समीकरण 1993 बैच के IPS अधिकारी जितेंद्र सिंह गंगवार भी DGP की रेस में हैं। वे फिलहाल DG विजिलेंस की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 31 जुलाई 2027 को रिटायर होने वाले हैं। सामान्य स्थिति में DGP बनने के बाद उनके पास लंबा कार्यकाल नहीं बचेगा। हालांकि, नियुक्ति और सेवा-विस्तार से जुड़े नियमों के तहत सरकार के पास विकल्प है। 5. प्रीता वर्मा: रेस में महिला चेहरा भी 1992 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा बिहार की सबसे सीनियर महिला पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं। फिलहाल वे DG, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। प्रीता वर्मा इससे पहले DG ट्रेनिंग के पद पर थीं। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने KVIC की CEO की जिम्मेदारी भी संभाली है। 2023 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित हुई थीं। वरिष्ठता के लिहाज से उनका नाम महत्वपूर्ण है। 6. IPS भृगु श्रीनिवासन: सीनियर, लेकिन रिटायरमेंट नजदीक बिहार कैडर के 1992 बैच के IPS अधिकारी भृगु श्रीनिवासन इस समय देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी फोर्स राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के महानिदेशक के पद पर तैनात हैं। NSG के के पद पर 31 अगस्त 2024 को तैनात किए गये थे। यह अगस्त 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। UP के रहने वाले हैं। NSG प्रमुख बनने से पहले श्रीनिवासन बिहार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वे बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के निदेशक भी रहे। इसके बाद केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर उन्हें NSG की कमान मिली। किन फैक्टर से तय होता है नए DGP का नाम बिहार के अगले DGP की नियुक्ति सिर्फ सीनियरिटी से तय नहीं होगी। सरकार को कई पहलुओं को देखना होगा। …तो कौन सबसे आगे? अभी की तस्वीर में कुंदन कृष्णन का नाम सबसे आगे दिखाई देता है। उनके पक्ष में तीन बड़े फैक्टर हैं। इसके बाद जितेंद्र सिंह गंगवार और जितेंद्र कुमार के नाम महत्वपूर्ण हैं। दोनों 1993 बैच के हैं और कुंदन कृष्णन से एक साल सीनियर हैं। अमित कुमार का नाम सबसे ज्यादा इसलिए दिलचस्प है कि उनके पास बिहार पुलिस के साथ-साथ SPG और केंद्रीय सुरक्षा व्यवस्था का बड़ा अनुभव रखते हैं। 13 दिसंबर 2026 को बिहार के मौजूदा DGP (पुलिस महानिदेशक) विनय कुमार का 2 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वैशाली के रहने वाले 1992 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार को नीतीश कुमार की सरकार ने 13 दिसंबर 2024 को DGP बनाया था। उनकी नियमित सेवा अवधि 30 सितंबर 2025 को पूरी होनी थी। DGP के पद पर नियुक्ति के बाद कार्यकाल बढ़ाकर 13 दिसंबर 2026 तक किया गया। विनय कुमार का कार्यकाल खत्म होने में करीब तीन महीने बचे हैं। ऐसे में बिहार के अगले DGP को लेकर प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज है। पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग तक संभावित नामों को लेकर चर्चा है। बिहार सरकार इस महीने नए DGP की सूची UPSC को भेजने जा रही है। भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, DGP की रेस में कौन-कौन IPS अफसर हैं…। DGP की रेस में 6 IPS अफसर अभी आधिकारिक तौर पर नए DGP के लिए किसी नाम की घोषणा नहीं हुई है। सीनियरिटी, सेवा अवधि, मौजूदा पद, प्रशासनिक अनुभव और सरकार के संभावित सामाजिक समीकरण को देखते हुए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें कुंदन कृष्णन, जितेंद्र सिंह गंगवार, जितेंद्र कुमार और अमित कुमार प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं। सीनियरिटी के लिहाज से प्रीता वर्मा का नाम भी महत्वपूर्ण है। 1. कुंदन कृष्णन: AK-47 वाले IPS की सबसे मजबूत दावेदारी 1994 बैच के IPS अधिकारी कुंदन कृष्णन मौजूदा समय में बिहार पुलिस में DG ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जनवरी 2026 में उन्हें STF और स्पेशल ब्रांच की भी जिम्मेदारी दी गई। कुंदन कृष्णन की सबसे बड़ी ताकत उनका लंबा फील्ड और ऑपरेशनल अनुभव है। वह 31 मार्च 2029 को रिटायर होंगे। रेस में आगे होने की वजह क्या? 2. जितेंद्र कुमार: सबसे सीनियर दावेदारों में से एक, लेकिन दिल्ली जाने की चर्चा 1993 बैच के IPS अधिकारी जितेंद्र कुमार भी DGP की रेस में अहम नाम हैं। बैच के लिहाज से वे 1994 बैच के कुंदन कृष्णन और अमित कुमार से एक साल सीनियर हैं। जितेंद्र फिलहाल सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड के चेयरमैन हैं। उनके पास BSAP का अतिरिक्त प्रभार है। उनका रिटायरमेंट 31 मार्च 2030 को है। DGP बनने की स्थिति में उनके पास लंबा कार्यकाल उपलब्ध होगा। जितेंद्र कुमार की पहचान एक शांत, प्रशासनिक और नियमों के मुताबिक काम करने वाले अधिकारी के तौर पर है। उन्होंने बिहार पुलिस में CID और दूसरे महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है। जितेंद्र के पक्ष में सबसे बड़ा प्लस पॉइंट सीनियरिटी 3. अमित कुमार: PM मोदी की सुरक्षा में लगे हैं 1994 बैच के IPS अधिकारी अमित कुमार इस रेस के सबसे अलग दावेदार हैं। वे फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। SPG में OSD की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। अमित 31 अक्टूबर 2030 को रिटायर होंगे। सेवा अवधि के लिहाज से उनके पास लंबा समय है। बिहार के हैं। पटना और नालंदा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिसिंग का अनुभव रखते हैं। 4. जितेंद्र सिंह गंगवार: UP कनेक्शन और लव-कुश समीकरण 1993 बैच के IPS अधिकारी जितेंद्र सिंह गंगवार भी DGP की रेस में हैं। वे फिलहाल DG विजिलेंस की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 31 जुलाई 2027 को रिटायर होने वाले हैं। सामान्य स्थिति में DGP बनने के बाद उनके पास लंबा कार्यकाल नहीं बचेगा। हालांकि, नियुक्ति और सेवा-विस्तार से जुड़े नियमों के तहत सरकार के पास विकल्प है। 5. प्रीता वर्मा: रेस में महिला चेहरा भी 1992 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा बिहार की सबसे सीनियर महिला पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं। फिलहाल वे DG, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। प्रीता वर्मा इससे पहले DG ट्रेनिंग के पद पर थीं। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने KVIC की CEO की जिम्मेदारी भी संभाली है। 2023 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित हुई थीं। वरिष्ठता के लिहाज से उनका नाम महत्वपूर्ण है। 6. IPS भृगु श्रीनिवासन: सीनियर, लेकिन रिटायरमेंट नजदीक बिहार कैडर के 1992 बैच के IPS अधिकारी भृगु श्रीनिवासन इस समय देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी फोर्स राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के महानिदेशक के पद पर तैनात हैं। NSG के के पद पर 31 अगस्त 2024 को तैनात किए गये थे। यह अगस्त 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। UP के रहने वाले हैं। NSG प्रमुख बनने से पहले श्रीनिवासन बिहार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वे बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के निदेशक भी रहे। इसके बाद केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर उन्हें NSG की कमान मिली। किन फैक्टर से तय होता है नए DGP का नाम बिहार के अगले DGP की नियुक्ति सिर्फ सीनियरिटी से तय नहीं होगी। सरकार को कई पहलुओं को देखना होगा। …तो कौन सबसे आगे? अभी की तस्वीर में कुंदन कृष्णन का नाम सबसे आगे दिखाई देता है। उनके पक्ष में तीन बड़े फैक्टर हैं। इसके बाद जितेंद्र सिंह गंगवार और जितेंद्र कुमार के नाम महत्वपूर्ण हैं। दोनों 1993 बैच के हैं और कुंदन कृष्णन से एक साल सीनियर हैं। अमित कुमार का नाम सबसे ज्यादा इसलिए दिलचस्प है कि उनके पास बिहार पुलिस के साथ-साथ SPG और केंद्रीय सुरक्षा व्यवस्था का बड़ा अनुभव रखते हैं।

