सावन के महीने में मुंगेर के कच्ची कांवरिया पथ पर शिवभक्ति के विविध रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई विशाल कांवर लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहा है तो कोई देवी-देवताओं की आकर्षक झांकी के साथ आस्था की यात्रा कर रहा है। शुक्रवार रात हावड़ा के शिवभक्तों का जत्था बाल गणेश और बाल स्वरूप भोलेनाथ की विशाल झांकियों के साथ बाबा धाम की ओर बढ़ा। तारापुर के गोगाचक धर्मशाला के पास ये झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। 12 साल से लगातार बाबा धाम जा रहा जत्था हावड़ा के सोनू बम ने बताया कि उनका जत्था पिछले 12 वर्षों से लगातार बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा कर रहा है। हर साल कांवर यात्रा में कुछ नया प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है। पिछले साल हनुमान जी की झांकी शामिल की गई थी, जबकि इस बार बाल गणेश का आकर्षक स्वरूप तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि उनकी कांवर में हर वर्ष महाकाल का स्वरूप भी शामिल रहता है। 115 किलो के बाल भोलेनाथ ने खींचा ध्यान दूसरे जत्थे के साथ बाल स्वरूप भोलेनाथ की विशाल झांकी भी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। रोशनी से सजे इस स्वरूप का वजन करीब 115 किलोग्राम बताया गया है। हावड़ा के अभिजीत वर्मा ने बताया कि इसे तैयार करने में 25 से 30 दिन लगे हैं। करीब 20 लोगों का जत्था इस झांकी को लेकर बाबा धाम की ओर जा रहा है। पहले आदि योगी और महाकाल के स्वरूप भी ले जा चुका है जत्था अभिजीत वर्मा ने बताया कि उनका जत्था इससे पहले आदि योगी और उज्जैन के महाकालेश्वर के स्वरूपों के साथ भी बाबा धाम की यात्रा कर चुका है। हर वर्ष अलग स्वरूप के माध्यम से शिवभक्ति और श्रद्धा को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाता है। झांकियों में दिख रही आस्था और समर्पण शिवभक्तों का कहना है कि ये झांकियां केवल श्रद्धालुओं के आकर्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि उनकी आस्था, मेहनत और बाबा भोलेनाथ के प्रति समर्पण का प्रतीक हैं। झांकी तैयार करने में कई दिनों की मेहनत और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी रहती है। रोशनी और बोल बम के जयकारों से गूंज रहा पथ कच्ची कांवरिया पथ पर रंग-बिरंगी रोशनी, विशाल झांकियों, डीजे और ‘बोल बम’ के जयकारों के बीच कांवरियों की यात्रा जारी है। हावड़ा के शिवभक्तों की ये झांकियां रास्ते में चल रहे श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई हैं। सावन के महीने में मुंगेर के कच्ची कांवरिया पथ पर शिवभक्ति के विविध रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई विशाल कांवर लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहा है तो कोई देवी-देवताओं की आकर्षक झांकी के साथ आस्था की यात्रा कर रहा है। शुक्रवार रात हावड़ा के शिवभक्तों का जत्था बाल गणेश और बाल स्वरूप भोलेनाथ की विशाल झांकियों के साथ बाबा धाम की ओर बढ़ा। तारापुर के गोगाचक धर्मशाला के पास ये झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। 12 साल से लगातार बाबा धाम जा रहा जत्था हावड़ा के सोनू बम ने बताया कि उनका जत्था पिछले 12 वर्षों से लगातार बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा कर रहा है। हर साल कांवर यात्रा में कुछ नया प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है। पिछले साल हनुमान जी की झांकी शामिल की गई थी, जबकि इस बार बाल गणेश का आकर्षक स्वरूप तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि उनकी कांवर में हर वर्ष महाकाल का स्वरूप भी शामिल रहता है। 115 किलो के बाल भोलेनाथ ने खींचा ध्यान दूसरे जत्थे के साथ बाल स्वरूप भोलेनाथ की विशाल झांकी भी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। रोशनी से सजे इस स्वरूप का वजन करीब 115 किलोग्राम बताया गया है। हावड़ा के अभिजीत वर्मा ने बताया कि इसे तैयार करने में 25 से 30 दिन लगे हैं। करीब 20 लोगों का जत्था इस झांकी को लेकर बाबा धाम की ओर जा रहा है। पहले आदि योगी और महाकाल के स्वरूप भी ले जा चुका है जत्था अभिजीत वर्मा ने बताया कि उनका जत्था इससे पहले आदि योगी और उज्जैन के महाकालेश्वर के स्वरूपों के साथ भी बाबा धाम की यात्रा कर चुका है। हर वर्ष अलग स्वरूप के माध्यम से शिवभक्ति और श्रद्धा को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाता है। झांकियों में दिख रही आस्था और समर्पण शिवभक्तों का कहना है कि ये झांकियां केवल श्रद्धालुओं के आकर्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि उनकी आस्था, मेहनत और बाबा भोलेनाथ के प्रति समर्पण का प्रतीक हैं। झांकी तैयार करने में कई दिनों की मेहनत और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी रहती है। रोशनी और बोल बम के जयकारों से गूंज रहा पथ कच्ची कांवरिया पथ पर रंग-बिरंगी रोशनी, विशाल झांकियों, डीजे और ‘बोल बम’ के जयकारों के बीच कांवरियों की यात्रा जारी है। हावड़ा के शिवभक्तों की ये झांकियां रास्ते में चल रहे श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई हैं।


