फर्रुखाबाद के जहानगंज थाना क्षेत्र के कोरीखेड़ा गांव में 9 महीने पहले हुए 10 वर्षीय बालक आशुतोष गुप्ता हत्याकांड की जांच में पुलिस ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाया। पुलिस ने मामले में नामजद तीन आरोपियों का गाजियाबाद की फॉरेंसिक लैब में नार्को टेस्ट कराया है। पुलिस को उम्मीद है कि टेस्ट रिपोर्ट सामने आने के बाद हत्याकांड की जांच में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 10 दिसंबर को अपहरण, 4 दिन बाद मिला शव कोरीखेड़ा गांव निवासी चंद्र प्रकाश गुप्ता के 10 वर्षीय बेटे आशुतोष गुप्ता का 10 दिसंबर 2025 को अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद 14 दिसंबर को उसकी हत्या कर शव गांव के ही एक आलू के खेत में फेंक दिया गया था। घटना के बाद आशुतोष की मां पूनम गुप्ता ने जहानगंज थाने में 11 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराई थी। 9 महीने बाद भी नहीं हुआ खुलासा हत्याकांड को करीब 9 महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। किसी भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कई पहलुओं पर की जा रही है। 3 आरोपियों का कराया गया नार्को टेस्ट 11 नामजद आरोपियों में से गांव के ही तीन लोगों को जहानगंज थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी गाजियाबाद स्थित फॉरेंसिक लैब ले गईं। वहां तीनों का नार्को टेस्ट कराया गया। थानाध्यक्ष के मुताबिक, नार्को टेस्ट से पहले तीनों आरोपियों की सहमति ली गई थी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। एक हफ्ते बाद आएगी रिपोर्ट थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी ने बताया कि गाजियाबाद में तीनों आरोपियों का नार्को टेस्ट कराया गया है। लैब से करीब एक सप्ताह बाद रिपोर्ट आने की उम्मीद है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही जांच में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

