बांका जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र परिसर स्थित सभागार में ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ (VB-G RAM G) को लेकर एक पंच सम्मेलन आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने इसकी अध्यक्षता की। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों और संबंधित पदाधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों, प्रक्रियाओं और उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था। जिला पदाधिकारी ने बताया कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। इस अधिनियम के तहत ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण, कार्यान्वयन, निगरानी और सामाजिक जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। उन्होंने जोर दिया कि अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को इसके प्रावधानों की समुचित जानकारी और प्रशिक्षण आवश्यक है। ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना लक्ष्य-DM डीएम ने यह भी बताया कि इसी उद्देश्य से राज्यभर में जिला स्तर पर पंच सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इन सम्मेलनों में पंचायती राज संस्थाओं के तीनों स्तरों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को योजना के विभिन्न प्रावधानों और क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांवों में टिकाऊ और जनोपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इसके तहत जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सिंचाई, तालाब-पोखरों के जीर्णोद्धार, ग्रामीण आधारभूत संरचना के विकास और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे पात्र ग्रामीण परिवारों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचाने में सक्रिय सहयोग करें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। बांका जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र परिसर स्थित सभागार में ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ (VB-G RAM G) को लेकर एक पंच सम्मेलन आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने इसकी अध्यक्षता की। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों और संबंधित पदाधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों, प्रक्रियाओं और उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था। जिला पदाधिकारी ने बताया कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। इस अधिनियम के तहत ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण, कार्यान्वयन, निगरानी और सामाजिक जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। उन्होंने जोर दिया कि अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को इसके प्रावधानों की समुचित जानकारी और प्रशिक्षण आवश्यक है। ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना लक्ष्य-DM डीएम ने यह भी बताया कि इसी उद्देश्य से राज्यभर में जिला स्तर पर पंच सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इन सम्मेलनों में पंचायती राज संस्थाओं के तीनों स्तरों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को योजना के विभिन्न प्रावधानों और क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांवों में टिकाऊ और जनोपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इसके तहत जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सिंचाई, तालाब-पोखरों के जीर्णोद्धार, ग्रामीण आधारभूत संरचना के विकास और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे पात्र ग्रामीण परिवारों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचाने में सक्रिय सहयोग करें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

