बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद कैमूर जिले के भभुआ स्थित सर्किट हाउस पहुंचे। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडे और जदयू जिला अध्यक्ष अजय पटेल ने उनका स्वागत किया। मंत्री ने यहां श्रम विभाग, आईटीआई प्राचार्यों, श्रम प्रवर्तन अधिकारियों और नियोजन अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने बताया कि श्रम विभाग का मुख्य उद्देश्य राज्य के निर्माण एवं पंजीकृत श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। कैंटीन में 5 रुपए में मिलेगा खाना उन्होंने अधिकारियों को श्रमिकों के निबंधन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। मंत्री ने चेतावनी दी कि लक्ष्य प्राप्त न करने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने श्रमिकों के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रवासी श्रमिकों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत आवासीय व्यवस्था की जाएगी। शुरुआत में यह सुविधा पटना में मिलेगी, जिसे बाद में सभी 38 जिलों में लागू किया जाएगा। इसके तहत श्रमिक एक सप्ताह तक रुक सकेंगे। साथ ही, मात्र ₹5 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए कैंटीन संचालित होगी। इसका शेष खर्च श्रम बोर्ड वहन करेगा। आवासीय कोचिंग प्रदान की जाएगी इसके अतिरिक्त, पंजीकृत श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों के लिए नि:शुल्क कोचिंग योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत 600 बच्चों को जेईई (JEE), नीट (NEET) और आईएएस/आईपीएस (IAS/IPS) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवासीय कोचिंग प्रदान की जाएगी। मंत्री ने विपक्ष पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को जनहित से अधिक विदेश यात्राएं पसंद हैं और वे महत्वपूर्ण अवसरों पर सदन से अनुपस्थित रहते हैं। बांकीपुर चुनाव परिणाम पर उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी हार की निष्पक्ष समीक्षा कर रही है और युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप कमियों को दूर कर मजबूती से वापसी करेगी। बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद कैमूर जिले के भभुआ स्थित सर्किट हाउस पहुंचे। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडे और जदयू जिला अध्यक्ष अजय पटेल ने उनका स्वागत किया। मंत्री ने यहां श्रम विभाग, आईटीआई प्राचार्यों, श्रम प्रवर्तन अधिकारियों और नियोजन अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने बताया कि श्रम विभाग का मुख्य उद्देश्य राज्य के निर्माण एवं पंजीकृत श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। कैंटीन में 5 रुपए में मिलेगा खाना उन्होंने अधिकारियों को श्रमिकों के निबंधन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। मंत्री ने चेतावनी दी कि लक्ष्य प्राप्त न करने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने श्रमिकों के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रवासी श्रमिकों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत आवासीय व्यवस्था की जाएगी। शुरुआत में यह सुविधा पटना में मिलेगी, जिसे बाद में सभी 38 जिलों में लागू किया जाएगा। इसके तहत श्रमिक एक सप्ताह तक रुक सकेंगे। साथ ही, मात्र ₹5 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए कैंटीन संचालित होगी। इसका शेष खर्च श्रम बोर्ड वहन करेगा। आवासीय कोचिंग प्रदान की जाएगी इसके अतिरिक्त, पंजीकृत श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों के लिए नि:शुल्क कोचिंग योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत 600 बच्चों को जेईई (JEE), नीट (NEET) और आईएएस/आईपीएस (IAS/IPS) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवासीय कोचिंग प्रदान की जाएगी। मंत्री ने विपक्ष पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को जनहित से अधिक विदेश यात्राएं पसंद हैं और वे महत्वपूर्ण अवसरों पर सदन से अनुपस्थित रहते हैं। बांकीपुर चुनाव परिणाम पर उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी हार की निष्पक्ष समीक्षा कर रही है और युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप कमियों को दूर कर मजबूती से वापसी करेगी।

