सीहोर में मंगलवार सुबह 9 बजे सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वर धाम तक करीब 11 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा निकलेगी। इसमें मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। सीवन नदी के तट पर पूजन-अर्चन के बाद कांवड़ यात्री नदी का पवित्र जल लेकर पैदल कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे। यहां भगवान कुबेरेश्वर महादेव का अभिषेक और पूजा-अर्चना की जाएगी। कांवड़ यात्रा को लेकर सोमवार से ही सीहोर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। सावन मास के अंतिम सोमवार को कुबेरेश्वर धाम में करीब तीन लाख श्रद्धालु पहुंचे। शहर से कुबेरेश्वरधाम तक ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे। भीड़ के चलते इंदौर-भोपाल मार्ग पर कई बार यातायात जाम की स्थिति बनी, जिसे पुलिस और यातायात विभाग के जवानों ने संभाला। पंडित प्रदीप मिश्रा ने लगाया 25 क्विंटल नुक्ती का भोग कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच पंडित प्रदीप मिश्रा ने कुबेरेश्वरधाम पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए 25 क्विंटल नुक्ती का भोग लगवाया और प्रसादी वितरित कराई। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम है। यह भगवान शिव की सरल और सच्ची भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कांवड़ यात्रियों के साथ उनकी सेवा में जुटे सेवादारों को भी भगवान की सेवा में लीन बताया। 100 से अधिक स्थानों पर भोजन-प्रसादी कांवड़ यात्रा मार्ग पर पहले करीब 25 स्थानों पर चाय, नाश्ता और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। 25 और 26 अगस्त को लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अब 100 से अधिक स्थानों पर सेवा स्टॉल लगाए गए हैं। यहां पेयजल, चाय, नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी और भोजन-प्रसादी उपलब्ध कराई जाएगी। कुबेरेश्वरधाम परिसर में करीब दो एकड़ क्षेत्र में बनी भोजनशाला से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भोजन-प्रसादी वितरित की जा रही है। गुजरात से आए 35 श्रद्धालु भी सेवा में जुटे कांवड़ यात्रा मार्ग पर गुजरात से आए करीब 35 श्रद्धालुओं का दल भी सेवा करता नजर आया। दल के सदस्य यात्री बस से कुबेरेश्वरधाम पहुंचे। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने सड़क किनारे ही श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार करना शुरू कर दिया। कड़ाही में सब्जी और पूड़ी बनाकर राह से गुजर रहे श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की और स्वयं भी प्रसादी ग्रहण की। पांच क्विंटल फूलों से बाबा का शृंगार विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि मंगलवार को कुबेरेश्वरधाम स्थित बाबा का पांच क्विंटल फूलों से विशेष शृंगार किया जाएगा। सुबह 9 बजे सीवन नदी तट से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा करीब 11 किलोमीटर का सफर तय कर दोपहर में कुबेरेश्वरधाम पहुंचेगी। इसके बाद कांवड़ यात्री सीवन नदी से लाए गए पवित्र जल से भगवान कुबेरेश्वर महादेव का महाभिषेक करेंगे। विशेष पूजा-अर्चना भी होगी। 1200 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात कांवड़ यात्रा के सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। कुबेरेश्वरधाम परिसर में 10 से अधिक वॉच टावर स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों के साथ 1200 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर प्रतिबंध कलेक्टर ने कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। यात्रा में कोई व्यक्ति डीजे लेकर आता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही श्रद्धालुओं को नदी में उतरने की अनुमति नहीं होगी। घाट पर पर्याप्त सुरक्षा बल और बोट तैनात रहेंगी। प्रशासन ने यात्रा मार्ग को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। रेलवे स्टेशन सहित शहर के प्रमुख स्थानों पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। पार्किंग स्थलों का भी स्पष्ट चिन्हांकन किया गया है। यात्रा मार्ग पर पांच मेडिकल पॉइंट श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुविधा के लिए यात्रा मार्ग पर पांच मेडिकल पॉइंट बनाए गए हैं। ये मानक बाग, डीमार्ट, चौपाल सागर, परमार ढाबा और मोगरा फूल जोड़ पर रहेंगे। इसके अलावा कुबेरेश्वरधाम परिसर में वेटिंग एरिया डोम, भगवान शंकर मंदिर, कंकर शंकर पूजा स्थल के सामने डोम और पं. रमेश्वर मिश्रा अस्पताल में मेडिकल पॉइंट बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पीएचसी गुड़भेला-नापलाखेड़ी जोड़ और एसएचसी चितोड़िया हेमा को भी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा है। प्रशासन ने धाम परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आंतरिक व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया है। 25 अगस्त रात 12 बजे तक रहेगा डायवर्जन कांवड़ यात्रा को देखते हुए जिला प्रशासन ने वाहनों के लिए डायवर्जन प्लान जारी किया है। यह व्यवस्था 25 अगस्त की रात 12 बजे तक लागू रहेगी। प्रशासन ने वाहन चालकों से असुविधा से बचने के लिए निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। भारी वाहनों के लिए: भोपाल की ओर से आने वाले भारी वाहनों को मुबारकपुर जोड़ और तुमड़ा जोड़ से डायवर्ट कर श्यामपुर, कुरावर, ब्यावरा, शाजापुर और मक्सी होते हुए देवास-इंदौर की ओर भेजा जाएगा। देवास-इंदौर से आने वाले भारी वाहन मक्सी, शाजापुर, ब्यावरा, कुरावर और श्यामपुर होते हुए भोपाल जाएंगे। कन्नौद-खातेगांव की ओर से आने वाले भारी वाहन आष्टा, शुजालपुर और पचोर होते हुए ब्यावरा जा सकेंगे। होशंगाबाद, रेहटी और भैरूंदा से इंदौर जाने वाले भारी वाहन गोपालपुर, कन्नौद और आष्टा होते हुए इंदौर जाएंगे। छोटे और सवारी वाहनों के लिए: भोपाल से आष्टा, देवास, उज्जैन और इंदौर जाने वाले वाहन सीहोर के न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़ और अमलाहा होते हुए आगे जाएंगे। इसी तरह इंदौर, उज्जैन और देवास से भोपाल जाने वाले वाहन आष्टा, अमलाहा, भाऊखेड़ी जोड़ और न्यू क्रिसेंट चौराहा होते हुए भोपाल पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं के लिए ट्रेनों की समय-सारणी जारी कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए रेलवे ने 25 और 26 अगस्त के लिए सीहोर स्टेशन से आने-जाने वाली ट्रेनों की समय-सारणी जारी की है। इसमें मक्सी-उज्जैन और भोपाल की ओर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों की जानकारी शामिल है। लाइव ब्लॉग के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए यहां से गुजर जाइए…

