बांका के तिलडीहा दुर्गा मंदिर में महाअष्टमी पर भीड़:1.5KM लंबी कतार, जयकारों से गूंजा; LED स्क्रीन पर दर्शन कर रहे श्रद्धालु

बांका के तिलडीहा दुर्गा मंदिर में महाअष्टमी पर भीड़:1.5KM लंबी कतार, जयकारों से गूंजा; LED स्क्रीन पर दर्शन कर रहे श्रद्धालु

बांका के प्रसिद्ध तिलडीहा दुर्गा मंदिर में महाअष्टमी पर माता के दर्शन और डलिया चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह 7 बजे तक मंदिर के मुख्य द्वार से तिलडीहा बगीचा तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी कतार लग गई। बांका के अलावा मुंगेर, भागलपुर, गोड्डा, दुमका, देवघर और पटना समेत कई जिलों से श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और आवागमन के विशेष इंतजाम किए। सुबह से ही लगी रही लंबी कतार महाअष्टमी पर सुबह से ही महिला श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मंदिर पहुंचने लगी। डलिया चढ़ाने और दर्शन-पूजन के लिए भक्तों को घंटों कतार में इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं दिखी। भक्त ‘जय माता दी’ और ‘तिलडीहा महारानी की जय’ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा। इस वर्ष अष्टमी तिथि दो दिन होने के कारण विभिन्न मंदिरों में भी डलिया चढ़ाने के लिए महिलाओं की भीड़ जुट रही है। बदुआ पुल से मंदिर तक पहुंचने का मार्ग तय भीड़ नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रशासन ने आवागमन का मार्ग निर्धारित किया। तारापुर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को बदुआ पुल से मंदिर तक पहुंचने की व्यवस्था की गई। दर्शन और पूजा के बाद निकासी के लिए नदी पर मंदिर के समानांतर बनाए गए अस्थायी मार्ग का इस्तेमाल कराया गया, ताकि भीड़ का दबाव कम रहे और आवाजाही व्यवस्थित हो सके। 300 दंडाधिकारी तैनात, मंदिर में अस्थायी थाना दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में करीब 300 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। तिलडीहा मंदिर में सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर से तिलडीहा गांव के मुहाने तक जालीदार बैरिकेडिंग की गई है। मंदिर परिसर में अस्थायी थाना भी बनाया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें एंबुलेंस के साथ तैनात रहीं। जिला नियंत्रण कक्ष से प्रतिनियुक्त अधिकारियों की उपस्थिति और उनके कार्यों की निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए मंदिर परिसर में LED स्क्रीन भी लगाई गई है। अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने भी किए दर्शन महाअष्टमी पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी मंदिर पहुंचे और माता के दरबार में पूजा-अर्चना की। मंदिर के प्रधान पुजारी श्याम आचार्य ने कहा कि तिलडीहा महारानी की महिमा अपरंपार है। यहां सच्चे मन से आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर माता के दरबार में पहुंचते हैं। यही वजह है कि महाअष्टमी पर दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। बांका के प्रसिद्ध तिलडीहा दुर्गा मंदिर में महाअष्टमी पर माता के दर्शन और डलिया चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह 7 बजे तक मंदिर के मुख्य द्वार से तिलडीहा बगीचा तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी कतार लग गई। बांका के अलावा मुंगेर, भागलपुर, गोड्डा, दुमका, देवघर और पटना समेत कई जिलों से श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और आवागमन के विशेष इंतजाम किए। सुबह से ही लगी रही लंबी कतार महाअष्टमी पर सुबह से ही महिला श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मंदिर पहुंचने लगी। डलिया चढ़ाने और दर्शन-पूजन के लिए भक्तों को घंटों कतार में इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं दिखी। भक्त ‘जय माता दी’ और ‘तिलडीहा महारानी की जय’ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा। इस वर्ष अष्टमी तिथि दो दिन होने के कारण विभिन्न मंदिरों में भी डलिया चढ़ाने के लिए महिलाओं की भीड़ जुट रही है। बदुआ पुल से मंदिर तक पहुंचने का मार्ग तय भीड़ नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रशासन ने आवागमन का मार्ग निर्धारित किया। तारापुर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को बदुआ पुल से मंदिर तक पहुंचने की व्यवस्था की गई। दर्शन और पूजा के बाद निकासी के लिए नदी पर मंदिर के समानांतर बनाए गए अस्थायी मार्ग का इस्तेमाल कराया गया, ताकि भीड़ का दबाव कम रहे और आवाजाही व्यवस्थित हो सके। 300 दंडाधिकारी तैनात, मंदिर में अस्थायी थाना दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में करीब 300 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। तिलडीहा मंदिर में सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर से तिलडीहा गांव के मुहाने तक जालीदार बैरिकेडिंग की गई है। मंदिर परिसर में अस्थायी थाना भी बनाया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें एंबुलेंस के साथ तैनात रहीं। जिला नियंत्रण कक्ष से प्रतिनियुक्त अधिकारियों की उपस्थिति और उनके कार्यों की निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए मंदिर परिसर में LED स्क्रीन भी लगाई गई है। अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने भी किए दर्शन महाअष्टमी पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी मंदिर पहुंचे और माता के दरबार में पूजा-अर्चना की। मंदिर के प्रधान पुजारी श्याम आचार्य ने कहा कि तिलडीहा महारानी की महिमा अपरंपार है। यहां सच्चे मन से आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर माता के दरबार में पहुंचते हैं। यही वजह है कि महाअष्टमी पर दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं।  

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