NIFTEM-कुंडली के वेबिनार में 350 से अधिक विशेषज्ञ जुटे:पौष्टिक भोजन आम लोगों के बजट में लाने पर मंथन; वैज्ञानिकों ने बताए तकनीकों के फायदे

NIFTEM-कुंडली के वेबिनार में 350 से अधिक विशेषज्ञ जुटे:पौष्टिक भोजन आम लोगों के बजट में लाने पर मंथन; वैज्ञानिकों ने बताए तकनीकों के फायदे

विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर सोनीपत NIFTEM-कुंडली में वेबिनार का आयोजन हुआ। देश में पोषण संबंधी चुनौतियों से निपटने और आम लोगों तक पौष्टिक व किफायती भोजन पहुंचाने के लिए नई खाद्य तकनीकों को उपयोगी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। आयोजित वेबिनार में देश-विदेश के 350 से अधिक विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, उद्योग प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने इस विषय पर चर्चा की। इसमें खाद्य प्रसंस्करण, पादप-आधारित प्रोटीन, पोषण संवर्धन और कम लागत वाली तकनीकों की संभावनाओं पर विचार किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्योग के सहयोग से ऐसे खाद्य उत्पाद विकसित करने की जरूरत है, जो पौष्टिक होने के साथ आम लोगों के बजट में भी हों। पोषण संबंधी चुनौतियों के समाधान में नवाचार पर जोर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM-K) के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से 16 अक्टूबर को ‘नवीन खाद्य प्रौद्योगिकियों के माध्यम से पोषण संवर्धन’ विषय पर वेबिनार आयोजित किया गया। इसमें संस्थान के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने पोषण संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए अनुसंधान और तकनीकी नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इस क्षेत्र में वैज्ञानिक प्रयासों और नए समाधानों के महत्व को रेखांकित किया। ICT मुंबई की प्रोफेसर ने दिया मुख्य व्याख्यान वेबिनार में इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT), मुंबई की प्रोफेसर डॉ. रेखा सिंघल ने मुख्य व्याख्यान दिया। इसमें नवीन खाद्य तकनीकों के माध्यम से पोषण को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए और खाद्य विज्ञान में अनुसंधान की भूमिका पर मंथन किया। पादप-आधारित प्रोटीन और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों पर चर्चा वेबिनार की पहली परिचर्चा में पादप-आधारित प्रोटीन, आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य उत्पादों के विकास पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि नई तकनीकों के इस्तेमाल से खाद्य पदार्थों के पोषण गुणों और उनकी कार्यात्मक विशेषताओं को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे लोगों की पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर नए खाद्य उत्पाद विकसित करने में मदद मिल सकती है। कम लागत में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दूसरी परिचर्चा में खाद्य पदार्थों को आवश्यक पोषक तत्वों से समृद्ध बनाने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और कम लागत वाली खाद्य तकनीकों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि पौष्टिक भोजन की उपलब्धता के साथ उसकी कीमत पर भी ध्यान देना जरूरी है। नई तकनीकों से विकसित उत्पाद ऐसे होने चाहिए, जिन्हें आम लोग आसानी से खरीद सकें और अपनी रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल कर सकें। सुरक्षित और किफायती उत्पादों से मिलेगा तकनीक का लाभ विशेषज्ञों ने चर्चा के दौरान कहा कि पोषण संबंधी समस्याओं का प्रभावी समाधान खोजने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, उद्योगों के सहयोग और उपभोक्ताओं की जरूरतों के बीच तालमेल जरूरी है। नई तकनीकों से विकसित खाद्य उत्पाद तभी प्रभावी साबित होंगे, जब वे सुरक्षित, पौष्टिक और किफायती होने के साथ उपभोक्ताओं के बीच भी स्वीकार्य हों। वेबिनार में खाद्य तकनीक के नवाचारों को आम लोगों तक पहुंचाने और पोषण सुधार में उनकी उपयोगिता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया।

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