रोहतक के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करते हुए कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ पत्र सौंपा और उचित संज्ञान लेने की मांग की। पूर्व मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि कांग्रेस सांसद ने दिशा की मीटिंग को राजनीति का अखाड़ा बना रखा है। लोकसभा अध्यक्ष ने मामले में संज्ञान लेने का आश्वासन दिया। पूर्वमंत्री ग्रोवर ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जुलाई 2016 में गठित दिशा समिति का मुख्य उद्देश्य जिले में केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। समिति की अध्यक्षता संबंधित जिले के लोकसभा सांसद करते हैं, लेकिन रोहतक सांसद इस मीटिंग में राजनीति कर रहे है। 16 अक्टूबर की बैठक में 85 में से 24 योजनाओं की समीक्षा
पूर्वमंत्री ग्रोवर ने कहा कि 16 अक्टूबर को दिशा की बैठक निर्धारित समय से दो घंटे देरी से शुरू हुई। बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय ऐसे मुद्दों पर चर्चा होती रही, जिनका दिशा समिति के निर्धारित उद्देश्य से सीधा संबंध नहीं था। मीटिंग में ऐसे विषय उठाते रहे, जो बैठक के एजेंडे के अनुरूप नहीं थे। बैठक पूरी तरह राजनीति का अखाड़ा बनकर रह गई। जिले में लागू 85 योजनाओं में से केवल 24 योजनाओं की ही समीक्षा हो सकी, जबकि 61 योजनाओं की समीक्षा ही नहीं की गई। यह स्थिति सरकारी योजनाओं की प्रगति की निगरानी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। विकास योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचना प्राथमिकता
पूर्व मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं, ताकि भविष्य में दिशा की बैठकें निर्धारित एजेंडे के अनुसार आयोजित हो। सभी संबंधित योजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जा सके। जनता के बीच रहने वाले नागरिक के तौर पर उनका दायित्व है कि जनहित से जुड़े विषयों को उचित मंच पर उठाएं।

