बहनों ने जेल गेट से भेजी राखी और मिठाई:राखी बांधने की नहीं मिली अनुमति, रक्षाबंधन पर जेल की बदली व्यवस्था

बहनों ने जेल गेट से भेजी राखी और मिठाई:राखी बांधने की नहीं मिली अनुमति, रक्षाबंधन पर जेल की बदली व्यवस्था

गयाजी सेंट्रल जेल में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में बहनें अपने बंदी भाइयों के लिए राखी और मिठाई लेकर जेल पहुंचीं। हालांकि, जेल प्रशासन की ओर से व्यवस्था में बदलाव के कारण बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर सीधे राखी बांधने की अनुमति नहीं मिली। जेल प्रशासन ने राखी और मिठाई जमा कर संबंधित बंदियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की। सुबह से ही गयाजी शहर में त्योहार की रौनक देखी गई। बस अड्डे, रेलवे स्टेशन और सेंट्रल जेल की ओर जाने वाली सड़कों पर कई महिलाएं हाथों में राखी और मिठाई के डिब्बे लिए दिखाई दीं। इनमें वे बहनें भी शामिल थीं, जिनके भाई कुछ समय से जेल में बंद हैं। पिछले साल सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों को अपने बंदी भाइयों की कलाई पर सीधे राखी बांधने की अनुमति दी गई थी। बहनें जेल के अंदर जाकर भाइयों को राखी बांध सकती थीं। इस बार जेल प्रशासन ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए बहनों को अंदर जाकर राखी बांधने की अनुमति नहीं दी। बहनों ने जेल के बाहर से ही अपने भाइयों के लिए स्नेह और आशीर्वाद भेजा। कई महिलाओं ने कहा कि भले ही राखी उनके हाथ से भाई की कलाई तक नहीं पहुंच पाई, लेकिन उनकी भावनाएं उन तक अवश्य पहुंचेंगी। बहनों के लिए जेल प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम

रक्षाबंधन को लेकर सेंट्रल जेल प्रशासन ने भीड़ और महिलाओं की सुविधा को देखते हुए विशेष इंतजाम किए थे। जेल परिसर में महिलाओं के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। गर्मी को देखते हुए ठंडे पानी का इंतजाम भी किया गया। इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम को भी तैनात रखा गया था। जेल की सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। जेल परिसर में आने वाले वाहनों की सुरक्षा जांच की गई। इसके बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी गई। सीनियर जेल सुपरिंटेंडेंट खुद पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे, ताकि रक्षाबंधन के मौके पर जेल पहुंचने वाली महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
भाइयों के लिए जेल पहुंची बहनों ने क्या कहा…
15 दिन से जेल में बंद भाई के लिए राखी लेकर पहुंचीं गीता

अपने भाई को राखी बांधने सेंट्रल जेल पहुंचीं गीता देवी ने भावुक होकर बताया कि उनका भाई करीब 15 दिनों से जेल में बंद है। वह अपने भाई के लिए राखी और मिठाई लेकर जेल पहुंची थीं। उन्हें उम्मीद थी कि वह भाई की कलाई पर अपने हाथों से राखी बांधेंगी, लेकिन जेल प्रशासन ने इस बार इसकी अनुमति नहीं दी।
गीता देवी ने बताया कि जेल प्रशासन ने उनकी राखी और मिठाई जमा कर ली है और कहा है कि इसे उनके भाई तक पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाई की कलाई पर खुद राखी बांधने से जो सुकून मिलता, वह इस बार नहीं मिल पाया। हालांकि, उन्हें इस बात की उम्मीद है कि उनकी राखी और मिठाई उनके भाई तक जरूर पहुंचेगी।

‘भाई को झूठा फंसाया गया, जल्द बाहर आए’

बेला थाना क्षेत्र की रहने वाली कांति देवी भी अपने भाई के लिए राखी लेकर सेंट्रल जेल पहुंचीं। वह काफी भावुक नजर आईं। कांति देवी ने बताया कि उनका भाई करीब एक महीने से जेल में बंद है। उनका आरोप है कि उनके भाई को झूठा फंसाया गया है। भाई की कलाई पर राखी बांधने की उम्मीद लेकर जेल आई थी, लेकिन यहां राखी बांधने की अनुमति नहीं दी गई। भगवान से प्रार्थना है कि भाई जल्द जेल से बाहर आए। व

20 दिन से बंद भाई के लिए प्रभादेवी लेकर पहुंचीं राखी

वजीरगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली प्रभादेवी भी अपने भाई को राखी बांधने सेंट्रल जेल पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनका भाई करीब 20 दिनों से जेल में बंद है। भाई के जेल में होने से वह काफी दुखी हैं। प्रभादेवी ने कहा कि वह भाई की कलाई पर अपने हाथों से राखी तो नहीं बांध सकीं, लेकिन उसके लिए राखी और मिठाई जेल प्रशासन को सौंप दी है। उन्हें भरोसा है कि उनकी राखी उनके भाई तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कामना की कि उनका भाई जल्द जेल से बाहर आए। गयाजी सेंट्रल जेल में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में बहनें अपने बंदी भाइयों के लिए राखी और मिठाई लेकर जेल पहुंचीं। हालांकि, जेल प्रशासन की ओर से व्यवस्था में बदलाव के कारण बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर सीधे राखी बांधने की अनुमति नहीं मिली। जेल प्रशासन ने राखी और मिठाई जमा कर संबंधित बंदियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की। सुबह से ही गयाजी शहर में त्योहार की रौनक देखी गई। बस अड्डे, रेलवे स्टेशन और सेंट्रल जेल की ओर जाने वाली सड़कों पर कई महिलाएं हाथों में राखी और मिठाई के डिब्बे लिए दिखाई दीं। इनमें वे बहनें भी शामिल थीं, जिनके भाई कुछ समय से जेल में बंद हैं। पिछले साल सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों को अपने बंदी भाइयों की कलाई पर सीधे राखी बांधने की अनुमति दी गई थी। बहनें जेल के अंदर जाकर भाइयों को राखी बांध सकती थीं। इस बार जेल प्रशासन ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए बहनों को अंदर जाकर राखी बांधने की अनुमति नहीं दी। बहनों ने जेल के बाहर से ही अपने भाइयों के लिए स्नेह और आशीर्वाद भेजा। कई महिलाओं ने कहा कि भले ही राखी उनके हाथ से भाई की कलाई तक नहीं पहुंच पाई, लेकिन उनकी भावनाएं उन तक अवश्य पहुंचेंगी। बहनों के लिए जेल प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम

रक्षाबंधन को लेकर सेंट्रल जेल प्रशासन ने भीड़ और महिलाओं की सुविधा को देखते हुए विशेष इंतजाम किए थे। जेल परिसर में महिलाओं के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। गर्मी को देखते हुए ठंडे पानी का इंतजाम भी किया गया। इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम को भी तैनात रखा गया था। जेल की सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। जेल परिसर में आने वाले वाहनों की सुरक्षा जांच की गई। इसके बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी गई। सीनियर जेल सुपरिंटेंडेंट खुद पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे, ताकि रक्षाबंधन के मौके पर जेल पहुंचने वाली महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
भाइयों के लिए जेल पहुंची बहनों ने क्या कहा…
15 दिन से जेल में बंद भाई के लिए राखी लेकर पहुंचीं गीता

अपने भाई को राखी बांधने सेंट्रल जेल पहुंचीं गीता देवी ने भावुक होकर बताया कि उनका भाई करीब 15 दिनों से जेल में बंद है। वह अपने भाई के लिए राखी और मिठाई लेकर जेल पहुंची थीं। उन्हें उम्मीद थी कि वह भाई की कलाई पर अपने हाथों से राखी बांधेंगी, लेकिन जेल प्रशासन ने इस बार इसकी अनुमति नहीं दी।
गीता देवी ने बताया कि जेल प्रशासन ने उनकी राखी और मिठाई जमा कर ली है और कहा है कि इसे उनके भाई तक पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाई की कलाई पर खुद राखी बांधने से जो सुकून मिलता, वह इस बार नहीं मिल पाया। हालांकि, उन्हें इस बात की उम्मीद है कि उनकी राखी और मिठाई उनके भाई तक जरूर पहुंचेगी।

‘भाई को झूठा फंसाया गया, जल्द बाहर आए’

बेला थाना क्षेत्र की रहने वाली कांति देवी भी अपने भाई के लिए राखी लेकर सेंट्रल जेल पहुंचीं। वह काफी भावुक नजर आईं। कांति देवी ने बताया कि उनका भाई करीब एक महीने से जेल में बंद है। उनका आरोप है कि उनके भाई को झूठा फंसाया गया है। भाई की कलाई पर राखी बांधने की उम्मीद लेकर जेल आई थी, लेकिन यहां राखी बांधने की अनुमति नहीं दी गई। भगवान से प्रार्थना है कि भाई जल्द जेल से बाहर आए। व

20 दिन से बंद भाई के लिए प्रभादेवी लेकर पहुंचीं राखी

वजीरगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली प्रभादेवी भी अपने भाई को राखी बांधने सेंट्रल जेल पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनका भाई करीब 20 दिनों से जेल में बंद है। भाई के जेल में होने से वह काफी दुखी हैं। प्रभादेवी ने कहा कि वह भाई की कलाई पर अपने हाथों से राखी तो नहीं बांध सकीं, लेकिन उसके लिए राखी और मिठाई जेल प्रशासन को सौंप दी है। उन्हें भरोसा है कि उनकी राखी उनके भाई तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कामना की कि उनका भाई जल्द जेल से बाहर आए।  

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