शाहजहांपुर जेल में रक्षाबंधन के अवसर पर बंदियों को राखी बांधने के लिए उनकी बहनें पहुंचीं। जेल प्रशासन ने इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं, जिसमें बैच बनाकर बहनों को अंदर भेजा गया। जेल में कुल 920 पुरुष बंदी और 23 महिला बंदी हैं। दोपहर 12 बजे तक लगभग 200 बंदियों की कलाई पर राखी बांधी जा चुकी थी। दिल्ली से आई एक बहन ने बताया कि उनका भाई दुष्कर्म के आरोप में पिछले दो साल से जेल में बंद है। उन्होंने जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की। राखी बांधते समय कई बहनों की आंखें नम हो गईं, लेकिन उन्होंने अपने भाइयों से मिलने और राखी बांधने का अवसर मिलने पर संतोष व्यक्त किया। जेल में बंद 23 महिला बंदियों को भी अपने भाइयों का इंतजार था। दोपहर करीब 12 बजे तक कोई भी भाई उनसे राखी बंधवाने के लिए नहीं पहुंचा था। यह स्थिति महिला बंदियों के लिए थोड़ी निराशाजनक रही। हालांकि अभी शाम बाकी है, शाम तक भाइयों के पहुंचने की संभावना है। जेल अधीक्षक जेपी तिवारी ने बताया कि महिलाओं को अलग-अलग बैच में अंदर लाया जा रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि दोपहर तक 200 मुलाकातें हो चुकी थीं। उन्होंने यह भी कहा कि जो भाई अपनी बहनों से राखी बंधवाने आएंगे, उन्हें पूरा समय दिया जाएगा।

