हिमाचल के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने घोषणा की है कि मंडी शहर की पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए जल शक्ति विभाग सितंबर में ‘हिम जलदूत मंडी’ मोबाइल एप लॉन्च करेगा। यह एप नगर निगम मंडी के 13 वार्डों के लगभग 10,900 उपभोक्ताओं को डिजिटल माध्यम से जोड़ेगा। उप मुख्यमंत्री ने मंडी के सर्किट हाउस में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना और जलापूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा त्वरित शिकायत निवारण सुनिश्चित करना है। बरसात का मौसम खत्म होते ही इस डिजिटल प्रणाली को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। एप से मिलेगी पानी की आपूर्ति के शेड्यूल की जानकारी इस एप के जरिए उपभोक्ताओं को पानी की आपूर्ति का शेड्यूल, वर्तमान स्थिति, पानी की गुणवत्ता और अन्य महत्वपूर्ण अपडेट मोबाइल नोटिफिकेशन के माध्यम से प्राप्त होंगे। पानी की गुणवत्ता का लाइव स्टेटस भी देखा जा सकेगा, जिसमें क्लोरीन की मात्रा, पीएच वैल्यू और टर्बिडिटी जैसी जानकारी शामिल होगी। यदि पाइपलाइन टूटने, लीकेज या सीवरेज संबंधी कोई समस्या आती है, तो उपभोक्ता फोटो और जियो-टैग लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज कर सकेंगे। दर्ज की गई शिकायत के निवारण की स्थिति भी एप पर लाइव ट्रैक की जा सकेगी। जलापूर्ति व्यवस्था की प्रभावी निगरानी जलापूर्ति व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए जल रक्षकों और स्लूस वाल्व को भी एप से एकीकृत किया गया है। जल रक्षक के निर्धारित वाल्व पर पहुंचने की जियो लोकेशन सत्यापित होने के बाद ही पानी छोड़ने का स्टेटस दर्ज होगा, जिसके बाद उपभोक्ताओं को पानी की आपूर्ति शुरू होने की सूचना मिलेगी। 20 टैंकरों से होती है पानी की सप्लाई विभाग के अनुसार, ढांगसीधार और कांगनीधार जल स्रोतों को भी इस प्रणाली से जोड़ा गया है। इन स्रोतों से मंडी शहर के लगभग 20 पानी के टैंकों को आपूर्ति की जाती है। विभागीय अधिकारी आर.के. सैनी ने बताया कि इस ऐप का उपयोग पंजीकृत उपभोक्ताओं के साथ-साथ गेस्ट यूजर भी कर सकेंगे। आम नागरिक सार्वजनिक स्थानों पर पानी की बर्बादी, पाइपलाइन लीकेज या सीवरेज संबंधी शिकायतें फोटो और लोकेशन के साथ दर्ज करवा सकेंगे।

