बलिया में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर बैंकिंग उद्योग के सात प्रमुख संगठनों की ओर से लंबित और न्यायोचित मांगों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल की गई। इसके समर्थन में बलिया में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। बैंककर्मियों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। पांच-दिवसीय बैंकिंग लागू करने की मांग प्रदर्शन के दौरान बैंककर्मियों ने ‘5-दिवसीय बैंकिंग लागू करो’ और ‘पीएलआई में भेदभाव बंद करो’ के नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि पांच-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह, विनियमित कार्य घंटे, सभी बैंककर्मियों के लिए समान पीएलआई, पेंशन अपडेशन और निजी क्षेत्र के बैंकों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अनुग्रह राशि देने समेत कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि 8 मार्च 2024 को आईबीए और चार अधिकारी संगठनों के बीच हुए समझौता ज्ञापन में इन मुद्दों के समाधान के लिए छह माह की समय-सीमा का आश्वासन दिया गया था। मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी उत्तर प्रदेश ऑफिसर्स एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष चंदन दीक्षित ने कहा कि 2015 में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश लागू होने के बाद से पांच-दिवसीय बैंकिंग की मांग की जा रही है। प्रतिदिन कार्य अवधि में करीब 40 मिनट की वृद्धि कर साप्ताहिक कार्य समय को संतुलित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पांच-दिवसीय बैंकिंग, पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली और पीएलआई में भेदभाव खत्म करने समेत अन्य मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन व्यापक किया जाएगा। बताया कि 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल तथा 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का कार्यक्रम घोषित है। प्रदर्शन में शशि प्रकाश सिंह, चंदन सिंह, राजेश सिंह, प्रशांत गुप्ता, मोहित गौतम, बीडी सिंह, नीरज यादव समेत सैकड़ों बैंक अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

