राष्ट्रीय परशुराम परिषद, जिला इकाई बक्सर की प्रथम जिला बैठक सोमवार को संगठन के स्थापना दिवस एवं संगठन विस्तार को लेकर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष दुर्गेश उपाध्याय विद्रोही ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री राहुल राय ने किया। कार्यक्रम में संगठन को मजबूत बनाने, समाज के लोगों को एकजुट करने और भगवान परशुराम के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के साथ जिला इकाई के नवनियुक्त पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त पदाधिकारियों की औपचारिक घोषणा भी की गई। ब्राह्मण समाज को संगठित करने पर जोर अध्यक्षीय संबोधन में जिला अध्यक्ष दुर्गेश उपाध्याय विद्रोही ने कहा कि सनातन धर्म विशाल बरगद के वृक्ष के समान है और ब्राह्मण समाज उसकी जड़ों की तरह है। उन्होंने कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए आपसी एकजुटता और संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज का एकजुट होकर अपने हितों की रक्षा करना सिर्फ समाज का विषय नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण सनातनी समाज और राष्ट्रहित से भी जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने संगठन के विस्तार के साथ अधिक से अधिक लोगों को परिषद से जोड़ने पर जोर दिया। संगठन और समाज के लिए जागरूक रहने का आह्वान मुख्य अतिथि प्रदेश महामंत्री नन्दकुमार तिवारी ने संगठन के सदस्यों से समाज के हित में सदैव तत्पर, एकजुट और जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती तभी संभव है, जब कार्यकर्ता आपसी समन्वय के साथ समाज के लिए सक्रिय रूप से काम करें। प्रदेश मंत्री दुर्गावती चतुर्वेदी और प्रदेश प्रवक्ता मल्लिकार्जुन राय ने भी भगवान परशुराम के आदर्शों और उनके विचारों को लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। शास्त्र शिक्षा के साथ आत्मरक्षा पर भी जोर बैठक में वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के लिए शास्त्र शिक्षा के साथ आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए। वक्ताओं ने आत्मरक्षा और अन्याय के प्रतिरोध के लिए आवश्यक प्रशिक्षण एवं सामर्थ्य विकसित करने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि युवाओं में शिक्षा, संस्कार और जिम्मेदारी की भावना के साथ आत्मविश्वास विकसित करना जरूरी है। नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ स्वागत कार्यक्रम के दौरान परिषद के नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों और अतिथियों का अंगवस्त्र एवं पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके साथ ही जिला इकाई के नवनियुक्त पदाधिकारियों के नाम और उनके दायित्व की औपचारिक घोषणा की गई। बैठक को गोपाल पांडेय और प्रेम मिश्रा ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने परिषद को जिले के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया। संगठन विस्तार का लिया संकल्प बैठक के अंत में जिला महामंत्री अभिषेक मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान सदस्यों ने संगठन को मजबूत करने, समाज के लोगों को एकजुट करने और भगवान परशुराम के आदर्शों एवं विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री नन्दकुमार तिवारी, प्रदेश मंत्री दुर्गावती चतुर्वेदी, प्रदेश प्रवक्ता मल्लिकार्जुन राय के अलावा विशिष्ट अतिथि पृथ्वीनाथ ओझा, गोपाल पांडेय, प्रेम मिश्रा, प्रकाश पाण्डेय और अभिषेक ओझा समेत परिषद के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। राष्ट्रीय परशुराम परिषद, जिला इकाई बक्सर की प्रथम जिला बैठक सोमवार को संगठन के स्थापना दिवस एवं संगठन विस्तार को लेकर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष दुर्गेश उपाध्याय विद्रोही ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री राहुल राय ने किया। कार्यक्रम में संगठन को मजबूत बनाने, समाज के लोगों को एकजुट करने और भगवान परशुराम के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के साथ जिला इकाई के नवनियुक्त पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त पदाधिकारियों की औपचारिक घोषणा भी की गई। ब्राह्मण समाज को संगठित करने पर जोर अध्यक्षीय संबोधन में जिला अध्यक्ष दुर्गेश उपाध्याय विद्रोही ने कहा कि सनातन धर्म विशाल बरगद के वृक्ष के समान है और ब्राह्मण समाज उसकी जड़ों की तरह है। उन्होंने कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए आपसी एकजुटता और संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज का एकजुट होकर अपने हितों की रक्षा करना सिर्फ समाज का विषय नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण सनातनी समाज और राष्ट्रहित से भी जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने संगठन के विस्तार के साथ अधिक से अधिक लोगों को परिषद से जोड़ने पर जोर दिया। संगठन और समाज के लिए जागरूक रहने का आह्वान मुख्य अतिथि प्रदेश महामंत्री नन्दकुमार तिवारी ने संगठन के सदस्यों से समाज के हित में सदैव तत्पर, एकजुट और जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती तभी संभव है, जब कार्यकर्ता आपसी समन्वय के साथ समाज के लिए सक्रिय रूप से काम करें। प्रदेश मंत्री दुर्गावती चतुर्वेदी और प्रदेश प्रवक्ता मल्लिकार्जुन राय ने भी भगवान परशुराम के आदर्शों और उनके विचारों को लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। शास्त्र शिक्षा के साथ आत्मरक्षा पर भी जोर बैठक में वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के लिए शास्त्र शिक्षा के साथ आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए। वक्ताओं ने आत्मरक्षा और अन्याय के प्रतिरोध के लिए आवश्यक प्रशिक्षण एवं सामर्थ्य विकसित करने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि युवाओं में शिक्षा, संस्कार और जिम्मेदारी की भावना के साथ आत्मविश्वास विकसित करना जरूरी है। नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ स्वागत कार्यक्रम के दौरान परिषद के नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों और अतिथियों का अंगवस्त्र एवं पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके साथ ही जिला इकाई के नवनियुक्त पदाधिकारियों के नाम और उनके दायित्व की औपचारिक घोषणा की गई। बैठक को गोपाल पांडेय और प्रेम मिश्रा ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने परिषद को जिले के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया। संगठन विस्तार का लिया संकल्प बैठक के अंत में जिला महामंत्री अभिषेक मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान सदस्यों ने संगठन को मजबूत करने, समाज के लोगों को एकजुट करने और भगवान परशुराम के आदर्शों एवं विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री नन्दकुमार तिवारी, प्रदेश मंत्री दुर्गावती चतुर्वेदी, प्रदेश प्रवक्ता मल्लिकार्जुन राय के अलावा विशिष्ट अतिथि पृथ्वीनाथ ओझा, गोपाल पांडेय, प्रेम मिश्रा, प्रकाश पाण्डेय और अभिषेक ओझा समेत परिषद के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

