रामपुर में सावन के अंतिम सोमवार पर रामपुर में शिवभक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। जिले के 12 ऐतिहासिक शिव मंदिरों समेत 55 मंदिरों में सुबह 4 बजे से रात 9 बजे तक कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। पुलिस के मुताबिक, अंतिम सोमवार को करीब 4.5 लाख कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने विभिन्न शिवालयों में जल चढ़ाया। मंदिरों में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे सुबह से ही प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे। भारी भीड़ के बावजूद पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी से व्यवस्था बनी रही। अंतिम सोमवार को लेकर प्रशासन ने कांवड़ मार्गों से लेकर शिव मंदिरों तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और भीड़ नियंत्रण के साथ यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखी गई। DM-SP ने मंदिरों में पहुंचकर लिया जायजा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भी विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। अधिकारियों ने मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और संबंधित विभागों के कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी अनिल सिंह सिसोदिया ने बताया कि सावन के पहले सोमवार से ही पुलिस के साथ बिजली विभाग, नगर पालिका, नगर पंचायत और अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे हुए थे। सभी के सामूहिक प्रयास से अंतिम सोमवार भी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। हर सोमवार बढ़ती गई श्रद्धालुओं की संख्या प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक सावन के पहले सोमवार को करीब 50 हजार, दूसरे सोमवार को 1 से 1.5 लाख और तीसरे सोमवार को करीब 2 लाख श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया था। अंतिम सोमवार को सबसे अधिक भीड़ रही और करीब 4.5 लाख श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे। रूट डायवर्जन भी हुआ समाप्त अंतिम सोमवार का जलाभिषेक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद जिले में गुरुवार दोपहर 2 बजे से लागू रूट डायवर्जन भी समाप्त कर दिया गया। डायवर्जन खत्म होते ही हाईवे किनारे इंतजार कर रहे वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना होने लगे। इसके बाद हाईवे पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया। भारी भीड़ के बावजूद पूरे दिन प्रशासन और पुलिस अलर्ट रही। किसी बड़ी अप्रिय घटना के बिना सावन का अंतिम सोमवार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।

