बक्सर जिले में गंगा नदी का जलस्तर अब घटने लगा है। रविवार रात 59.59 मीटर पर स्थिर रहने के बाद सोमवार शाम 5 बजे तक यह 59.48 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि, यह अभी भी चेतावनी बिंदु से ऊपर है, जिसके कारण जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। सोमवार शाम 5 बजे के आंकड़ों के अनुसार, गंगा का वर्तमान जलस्तर 59.48 मीटर दर्ज किया गया। चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है। खतरे के निशान से 84 सेंटीमीटर नीचे इस प्रकार, नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 16 सेंटीमीटर ऊपर है, लेकिन खतरे के निशान से 84 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में फिलहाल एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से गिरावट दर्ज की जा रही है। वर्ष 1948 में गंगा का सर्वाधिक बाढ़ स्तर 62.09 मीटर दर्ज किया गया था। बाढ़ और कटाव के खतरे से प्रशासन अलर्ट जलस्तर घटने के बावजूद प्रशासन की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। संभावित बाढ़ और कटाव के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और आम नागरिकों से सतर्क रहने को कहा है। लोगों को गंगा नदी के घाटों, तटीय क्षेत्रों और डूब वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने उफनती नदी में स्नान करने, तैरने, नौकाविहार करने तथा रील और वीडियो बनाने जैसी जोखिम भरी गतिविधियों से पूरी तरह दूर रहने की अपील की है। छोटे बच्चों को नदी के पास नहीं जाने दें छोटे बच्चों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास नहीं जाने देने की सलाह दी गई है। साथ ही, लोगों से अपने मवेशियों और पशुओं को भी सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर रखने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने की भी अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष में करें संपर्क किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना मिलने पर जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 06183-223333 पर तत्काल संपर्क करने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि लोगों की सुरक्षा के लिए निगरानी लगातार जारी है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। बक्सर जिले में गंगा नदी का जलस्तर अब घटने लगा है। रविवार रात 59.59 मीटर पर स्थिर रहने के बाद सोमवार शाम 5 बजे तक यह 59.48 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि, यह अभी भी चेतावनी बिंदु से ऊपर है, जिसके कारण जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। सोमवार शाम 5 बजे के आंकड़ों के अनुसार, गंगा का वर्तमान जलस्तर 59.48 मीटर दर्ज किया गया। चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है। खतरे के निशान से 84 सेंटीमीटर नीचे इस प्रकार, नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 16 सेंटीमीटर ऊपर है, लेकिन खतरे के निशान से 84 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में फिलहाल एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से गिरावट दर्ज की जा रही है। वर्ष 1948 में गंगा का सर्वाधिक बाढ़ स्तर 62.09 मीटर दर्ज किया गया था। बाढ़ और कटाव के खतरे से प्रशासन अलर्ट जलस्तर घटने के बावजूद प्रशासन की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। संभावित बाढ़ और कटाव के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और आम नागरिकों से सतर्क रहने को कहा है। लोगों को गंगा नदी के घाटों, तटीय क्षेत्रों और डूब वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने उफनती नदी में स्नान करने, तैरने, नौकाविहार करने तथा रील और वीडियो बनाने जैसी जोखिम भरी गतिविधियों से पूरी तरह दूर रहने की अपील की है। छोटे बच्चों को नदी के पास नहीं जाने दें छोटे बच्चों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास नहीं जाने देने की सलाह दी गई है। साथ ही, लोगों से अपने मवेशियों और पशुओं को भी सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर रखने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने की भी अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष में करें संपर्क किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना मिलने पर जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 06183-223333 पर तत्काल संपर्क करने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि लोगों की सुरक्षा के लिए निगरानी लगातार जारी है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

