किशनगंज के पोठिया थाना क्षेत्र के नौकट्टा पंचायत स्थित रोटी-पट्टी गांव में एक महिला से कथित छेड़खानी, मारपीट और उनके दिव्यांग पति पर हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़िता फिरोजा खातून (41) ने सोमवार दोपहर पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि छेड़खानी का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद आरोपी और उसके परिजनों ने घर में घुसकर करीब 10 वर्षों से बिस्तर पर पड़े उसके दिव्यांग पति के साथ भी मारपीट की। पीड़िता ने आवेदन में घटना 19 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे की बताई है। उसने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दुकान जाने के दौरान छेड़खानी का आरोप पीड़िता के अनुसार, वह 19 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे घर से सामान खरीदने के लिए दुकान जा रही थी। इसी दौरान मालगछ गांव निवासी सोहेल (28) ने रास्ते में उसके साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत और छेड़खानी की। महिला ने इसका विरोध करते हुए शोर मचाया तो आरोपी वहां से भाग गया। कुछ देर बाद पीड़िता ने बरगद के पेड़ के पास सोहेल को देखा और उसकी हरकत का विरोध किया। आरोप है कि इस दौरान सोहेल ने महिला का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। महिला ने वीडियो बनाने से मना किया तो दोनों के बीच विवाद हो गया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। परिजन पहुंचे, जमीन पर पटककर मारपीट का आरोप पीड़िता के मुताबिक, कुछ देर बाद सोहेल के परिजन शहनशाह (34), अफजल (65), अज्मेरून निशा उर्फ कलवानी (60) और नाजमीन (30) भी वहां पहुंच गए। आवेदन में महिला ने आरोप लगाया है कि बुजुर्ग परिजनों के कथित उकसाने पर सोहेल और शहनशाह ने उसे जमीन पर पटक दिया और मारपीट की। इस दौरान उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए। घटना के बीच पीड़िता की बेटी ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। महिला के अनुसार, पुलिस वाहन को मौके की ओर आता देखकर सभी आरोपी वहां से फरार हो गए। पुलिस के जाने के बाद घर में घुसने का आरोप पीड़िता ने आवेदन में आरोप लगाया है कि पुलिस के मौके से चले जाने के बाद सभी पांचों आरोपी कथित तौर पर हथियार लहराते हुए उसके घर में घुस आए। महिला का कहना है कि आरोपियों ने उसके 10 सालों से बेडरेस्ट दिव्यांग पति को बिस्तर से नीचे गिरा दिया और उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान पति का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस में शिकायत करने पर आरोपियों की ओर से उसके बच्चों के अपहरण और हत्या की धमकी दी गई। चोट और लोक-लाज के कारण आवेदन में देरी का दावा पीड़िता ने बताया कि पति की दिव्यांगता, घटना के दौरान लगी शारीरिक चोट और लोक-लाज के कारण पुलिस में आवेदन देने में कुछ विलंब हुआ। महिला का कहना है कि उसने पहले पोठिया थाना में भी शिकायत दी थी। हालांकि, पीड़िता के मुताबिक उसे थाना स्तर पर न्याय नहीं मिल सका। इसके बाद सोमवार को उसने पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। एसपी से निष्पक्ष जांच और प्राथमिकी की मांग पीड़िता ने एसपी को दिए आवेदन में मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और सभी आरोपियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महिला का कहना है कि घटना के बाद से वह और उसका परिवार भय के माहौल में है। खासकर दिव्यांग पति के साथ कथित मारपीट और बच्चों को लेकर दी गई धमकी के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और प्राथमिकी के बाद ही घटना से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से मामले में कार्रवाई और जांच की स्थिति सामने आना बाकी है। किशनगंज के पोठिया थाना क्षेत्र के नौकट्टा पंचायत स्थित रोटी-पट्टी गांव में एक महिला से कथित छेड़खानी, मारपीट और उनके दिव्यांग पति पर हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़िता फिरोजा खातून (41) ने सोमवार दोपहर पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि छेड़खानी का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद आरोपी और उसके परिजनों ने घर में घुसकर करीब 10 वर्षों से बिस्तर पर पड़े उसके दिव्यांग पति के साथ भी मारपीट की। पीड़िता ने आवेदन में घटना 19 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे की बताई है। उसने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दुकान जाने के दौरान छेड़खानी का आरोप पीड़िता के अनुसार, वह 19 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे घर से सामान खरीदने के लिए दुकान जा रही थी। इसी दौरान मालगछ गांव निवासी सोहेल (28) ने रास्ते में उसके साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत और छेड़खानी की। महिला ने इसका विरोध करते हुए शोर मचाया तो आरोपी वहां से भाग गया। कुछ देर बाद पीड़िता ने बरगद के पेड़ के पास सोहेल को देखा और उसकी हरकत का विरोध किया। आरोप है कि इस दौरान सोहेल ने महिला का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। महिला ने वीडियो बनाने से मना किया तो दोनों के बीच विवाद हो गया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। परिजन पहुंचे, जमीन पर पटककर मारपीट का आरोप पीड़िता के मुताबिक, कुछ देर बाद सोहेल के परिजन शहनशाह (34), अफजल (65), अज्मेरून निशा उर्फ कलवानी (60) और नाजमीन (30) भी वहां पहुंच गए। आवेदन में महिला ने आरोप लगाया है कि बुजुर्ग परिजनों के कथित उकसाने पर सोहेल और शहनशाह ने उसे जमीन पर पटक दिया और मारपीट की। इस दौरान उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए। घटना के बीच पीड़िता की बेटी ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। महिला के अनुसार, पुलिस वाहन को मौके की ओर आता देखकर सभी आरोपी वहां से फरार हो गए। पुलिस के जाने के बाद घर में घुसने का आरोप पीड़िता ने आवेदन में आरोप लगाया है कि पुलिस के मौके से चले जाने के बाद सभी पांचों आरोपी कथित तौर पर हथियार लहराते हुए उसके घर में घुस आए। महिला का कहना है कि आरोपियों ने उसके 10 सालों से बेडरेस्ट दिव्यांग पति को बिस्तर से नीचे गिरा दिया और उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान पति का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस में शिकायत करने पर आरोपियों की ओर से उसके बच्चों के अपहरण और हत्या की धमकी दी गई। चोट और लोक-लाज के कारण आवेदन में देरी का दावा पीड़िता ने बताया कि पति की दिव्यांगता, घटना के दौरान लगी शारीरिक चोट और लोक-लाज के कारण पुलिस में आवेदन देने में कुछ विलंब हुआ। महिला का कहना है कि उसने पहले पोठिया थाना में भी शिकायत दी थी। हालांकि, पीड़िता के मुताबिक उसे थाना स्तर पर न्याय नहीं मिल सका। इसके बाद सोमवार को उसने पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। एसपी से निष्पक्ष जांच और प्राथमिकी की मांग पीड़िता ने एसपी को दिए आवेदन में मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और सभी आरोपियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महिला का कहना है कि घटना के बाद से वह और उसका परिवार भय के माहौल में है। खासकर दिव्यांग पति के साथ कथित मारपीट और बच्चों को लेकर दी गई धमकी के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और प्राथमिकी के बाद ही घटना से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से मामले में कार्रवाई और जांच की स्थिति सामने आना बाकी है।

