बंधे हाथ, दरवाजा अंदर से लॉक, कैसे हुई मौत:हत्या-आत्महत्या के बीच उलझा डाक्टर खुशाली की मौत का राज, परिसर के सीसीटीवी कैमरे खराब

बंधे हाथ, दरवाजा अंदर से लॉक, कैसे हुई मौत:हत्या-आत्महत्या के बीच उलझा डाक्टर खुशाली की मौत का राज, परिसर के सीसीटीवी कैमरे खराब

मेरठ के पल्लवपुरम में महिला चिकित्सक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला उलझता जा रहा है। पुलिस की तफ्तीश सीसीटीवी कैमरों से शुरु हुई थी और 36 घंटे से ज्यादा बीतने के बाद भी उसी पर अटकी है। जिस बिल्डिंग में महिला चिकित्सक का क्लीनिक था, वहां तीन से चार सीसीटीवी कैमरे मिले हैं लेकिन वारदात के वक्त सभी कैमरे बंद थे। पुलिस का केवल इतना ही कहना है कि लंबे समय से कैमरे खराब चल रहे हैं। सवाल यही है कि जब खुशाली के हाथ बंधे थे और दरवाजा अंदर से लॉक था तो मौत कैसे हुई? पल्लवपुरम के रॉयल पार्क एक्सटेंशन निवासी खुशाली पुत्री जगदेव सिंह इसी इलाके के फेस 2 में आयुर्वेद एंड नेचुरल सेंटर के नाम से क्लीनिक चलाती थी। 16 अगस्त की सुबह करीब 6:23 बजे वह घर से अपने क्लीनिक के लिए निकल गईं। करीब 8:30 बजे खुशाली की मां सुनीता ने उसे फोन मिलाया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद सुनीता ने बेटे रजत और बहु आयुषि को क्लीनिक पर भेजा। दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने दरवाजा तोड़ा तो अंदर पंखे पर फंदे के सहारे खुशाली का शव लटका हुआ था। दुपट्टे से उसके हाथ आगे की तरफ बंधे थे। अब जानिए क्या आरोप लगे हैं एफआईआर में
खुशाली की मौत को परिवार ने हत्या करार दिया है। उनका कहना है कि बेटी की दहेज को लेकर हत्या की गई है। शादी के बाद से ही उसे परेशान किया जाने लगा था। पिता जगदेव सिंह की तहरीर पर पल्लवपुरम थाने में बीएनएस की धारा 85, 115(2), 80(2) के अलावा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 व 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमें में पति मयंक, सास निर्मला, ससुर हरेंद्र सिंह, देवर निशांत और देवरानी प्रीति को नामजद किया गया है। मामले में मयंक और हरेंद्र सिंह को हिरासत में भी लिया गया है। सीओ ने किया वारदात वाली जगह का निरीक्षण
इस पूरे मामले की विवेचना सीओ दौराला के द्वारा की जा रही है। सोमवार सुबह सीओ ने वारदात वाली जगह का निरीक्षण किया। वह पूरी बिल्डिंग में घूमे और वहां लोगों से बात भी की। कुछ सीसीटीवी कैमरे भी दिखाई पड़े लेकिन जब पता किया तो वह खराब निकले। इस जगह के मुख्य दरवाजे पर लगा कैमरा भी काफी लंबे समय से खराब चल रहा है, ऐसी जानकारी पुलिस को दी गई है। आस पास कुछ कैमरे चिह्नित किए हैं लेकिन उनकी दिशा ठीक नहीं है। हत्या और आत्महत्या के बीच उलझी वारदात
डाक्टर खुशाली की मौत हत्या और आत्महत्या के बीच उलझकर रह गई है। मृतका के परिवार का कहना है कि कोई हाथ बांधकर आत्महत्या नहीं करेगा। यहां खुशाली के हाथ आगे की तरफ दुपट्टे से बंधे थे। क्या कोई खुद एक दुपट्टे से अपने हाथ बांध सकता है। उनका आरोप है कि मयंक ने खुशाली के नाम पर काफी पैसा बाजार से लोन के नाम पर उठाया था। ऐसी स्थिति में अगर खुशाली को कुछ होता है तो लाभ सीधे मयंक को ही होगा। दरवाजा अंदर से बंद तो किसने की हत्या
सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि खुशाली का शव ऐसे कमरे से मिला था जो अंदर से ही बंद था। अगर इसे हत्या भी मान लें तो हत्यारा कहां से बाहर निकला। पुलिस का कहना है कि वहां मुख्य दरवाजे के अलावा ऐसा कोई जरिया नहीं है, जहां से बाहर निकला जा सके। वह भी अंदर से बंद मिला है। इस दरवाजे को रजत और आयुषि के सामने ही तोड़ा गया था। थाने में रहा मयंक पक्ष का जमावड़ा
इस वारदात के बाद पुलिस ने मयंक व उसके पिता हरेंद्र सिंह को हिरासत में लिया हुआ है। पल्लवपुरम थाना पुलिस के साथ एसओजी की मौजूदगी खासा चर्चा में रही। इन सब के बीच मयंक पक्ष के लोगों की मौजूदगी उसी थाने में बनी हुई है। दरअसल, मयंक के कुछ रिश्तेदार पुलिस विभाग में हैं। पिता हरेंद्र सिंह भी यूपी पुलिस में थे। ऐसे में खुशाली पक्ष ने पुलिस अफसरों से इसको लेकर आपत्ति भी जताई है। उनका कहना है कि विभागीय रसूख के जरिए यह लोग मामले को भटका सकते हैं। सीओ बोले- पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार सीओ दौराला शिव ठाकुर ने बताया कि वह वारदात वाली जगह का निरीक्षण कर चुके हैं। उस कमरे को भी देखा, जहां शव लटका मिला था। दरवाजा अंदर से बंद था और एग्जिट का केवल एक ही रास्ता था। सीसीटीवी परिसर में लगे हैं लेकिन वह लंबे समय से खराब चल रहे हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ ही फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट का भी इंतजार है। इन दोनों रिपोर्ट के आने के बाद ही कुछ स्पष्ट होगा।

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