पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने फरीदकोट जिले में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सोमवार को ड्रग इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह ने सिटी फरीदकोट पुलिस की टीम के साथ मिलकर शहर की तीन प्रमुख मेडिकल फर्मों पर औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान एक फर्म से करीब 3.30 लाख रुपये मूल्य की दवाइयां जब्त की गई हैं। ड्रग इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह ने बताया कि डोगर बस्ती स्थित सिंगला मेडिकल स्टोर की जांच के दौरान कोई अनियमितता नहीं पाई गई, जबकि इसी इलाके की राजा मेडिकल एजेंसी में कुछ सामान्य खामियां देखने को मिलीं। दवा के रिकॉर्ड पेश नहीं कर सके इसके बाद जब टीम ने एलआईसी वाली गली में स्थित टरू एक्ट फार्मा की चेकिंग की, तो फर्म संचालक कुछ दवाइयों के हाथ से बनाए गए बिक्री रिकॉर्ड पेश नहीं कर सके। इसके अलावा 28 फरवरी 2025 की सरकारी अधिसूचना के अनुसार अनिवार्य रूप से जमा की जाने वाली मासिक रिपोर्ट भी जमा नहीं करवाई गई थी। फॉर्म-16 के तहत 48,990 गोलियां जब्त नियमों के उल्लंघन पर तुरंत सख्त एक्शन लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने फॉर्म-16 के तहत दो तरह की प्रतिबंधित दवाइयों का जखीरा जब्त कर लिया।विभाग द्वारा जब्त की गई कुल 48,990 गोलियों की अनुमानित बाजार कीमत 3,30,687 रुपये बताई जा रही है। कौन कौन सी दवा जब्त की गई एक्टिनोरम (Actinorom): (क्लोरडायजेपॉक्साइड और डाइसाइक्लोमाइन सॉल्ट) बेंजप्रो-एफएम (Benzpro-FM): (फ्लूपेंटिक्सोल सॉल्ट) नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई ड्रग इंस्पेक्टर ने चेतावनी दी कि दवाइयों की बिक्री, स्टोरेज और रिकॉर्ड से संबंधित नियमों की अनदेखी करने वाली फर्मों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल स्टोरों की ऐसी जांच मुहिम लगातार जारी रहेगी ताकि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

