जिला अतिथि गृह के सभागार में मंगलवार को जदयू की ओर से आगामी नीतीश संवाद कार्यक्रम की जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी कुशवाहा ने की। जदयू नेता पंकज कुमार पटेल एवं जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने प्रदेश प्रवक्ता नवल शर्मा का स्वागत किया। जानकारी देते नवल शर्मा ने कहा कि फरक्का जल संधि केवल राजनीतिक बहस का विषय नहीं, बल्कि बिहार की जल सुरक्षा, कृषि, बाढ़, कटाव, किसानों और करोड़ों लोगों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। 1996 में हुई फरक्का जल संधि के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर व्यापक जनजागरूकता जरूरी है। उन्होंने बताया कि जदयू द्वारा इस मुद्दे पर 12 जिलों में जनसंवाद अभियान प्रस्तावित है। बक्सर और भोजपुर में कार्यक्रम हो चुका है। बेगूसराय के बाद बुधवार को खगड़िया में नीतीश संवाद आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि नदियों में घटता जलप्रवाह, बढ़ता गाद जमाव और सहायक नदियों के उफान से बाढ़ व कटाव की समस्या गंभीर हो रही है। फरक्का व्यवस्था के प्रभावों का वैज्ञानिक एवं समग्र अध्ययन आवश्यक है। नवल शर्मा ने कहा कि दिसंबर 2026 में प्रस्तावित फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के मद्देनजर बिहार के हितों की व्यापक समीक्षा जरूरी है। बुधवार को बछौता स्थित शारदा फार्म हाउस में होने वाला कार्यक्रम जनसंवाद अभियान के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारियों में जदयू जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी कुशवाहा, सदर विधायक एवं अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बबलू कुमार मंडल समेत पार्टी नेता व कार्यकर्ता जुटे हैं। जिला अतिथि गृह के सभागार में मंगलवार को जदयू की ओर से आगामी नीतीश संवाद कार्यक्रम की जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी कुशवाहा ने की। जदयू नेता पंकज कुमार पटेल एवं जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने प्रदेश प्रवक्ता नवल शर्मा का स्वागत किया। जानकारी देते नवल शर्मा ने कहा कि फरक्का जल संधि केवल राजनीतिक बहस का विषय नहीं, बल्कि बिहार की जल सुरक्षा, कृषि, बाढ़, कटाव, किसानों और करोड़ों लोगों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। 1996 में हुई फरक्का जल संधि के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर व्यापक जनजागरूकता जरूरी है। उन्होंने बताया कि जदयू द्वारा इस मुद्दे पर 12 जिलों में जनसंवाद अभियान प्रस्तावित है। बक्सर और भोजपुर में कार्यक्रम हो चुका है। बेगूसराय के बाद बुधवार को खगड़िया में नीतीश संवाद आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि नदियों में घटता जलप्रवाह, बढ़ता गाद जमाव और सहायक नदियों के उफान से बाढ़ व कटाव की समस्या गंभीर हो रही है। फरक्का व्यवस्था के प्रभावों का वैज्ञानिक एवं समग्र अध्ययन आवश्यक है। नवल शर्मा ने कहा कि दिसंबर 2026 में प्रस्तावित फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के मद्देनजर बिहार के हितों की व्यापक समीक्षा जरूरी है। बुधवार को बछौता स्थित शारदा फार्म हाउस में होने वाला कार्यक्रम जनसंवाद अभियान के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारियों में जदयू जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी कुशवाहा, सदर विधायक एवं अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बबलू कुमार मंडल समेत पार्टी नेता व कार्यकर्ता जुटे हैं।

