वाणिज्य संकाय में शिक्षकों की कमी दूर करने और आगामी शिक्षक भर्ती में रिक्तियों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। शिक्षा मंत्री से मिलने के लिए अभ्यर्थियों को करीब 13 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान खगड़िया के सावन कुमार ने अभ्यर्थियों को एकजुट रखा और उनका हौसला बनाए रखा। लंबे इंतजार के बावजूद सभी अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री को सौंपे मांग-पत्र में बताया कि बिहार के 7755 उच्च माध्यमिक (+2) विद्यालयों में वाणिज्य संकाय की पढ़ाई स्वीकृत है। इनमें महज 2112 विद्यालयों में ही वाणिज्य संकाय के शिक्षक उपलब्ध हैं। वहीं, 5643 विद्यालय ऐसे हैं, जहां वाणिज्य शिक्षक नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों को वाणिज्य विषय की पढ़ाई में परेशानी हो रही है। मांग-पत्र के अनुसार टीआरई-01, टीआरई-02 और टीआरई-03 के तहत बिजनेस स्टडीज में करीब 1743, अकाउंटेंसी में 1177 और उद्यमिता में 450 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में विद्यालयों में वाणिज्य शिक्षकों के पद खाली हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि टीआरई-04 में बिजनेस स्टडीज, अकाउंटेंसी और उद्यमिता तीनों विषयों को मिलाकर महज 257 रिक्तियां जारी की गई हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री से तीनों विषयों में कम से कम एक-एक हजार रिक्तियां जारी करने की मांग की, ताकि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर हो सके और अधिक अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सके। सावन कुमार ने कहा कि शिक्षा मंत्री से मिलने के लिए करीब 13 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद सभी अभ्यर्थी एकजुट रहे। एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए सभी अपनी मांग पर डटे रहे, ताकि वाणिज्य शिक्षकों की कमी और रिक्तियों का मुद्दा शिक्षा मंत्री के सामने मजबूती से रखा जा सके। वाणिज्य संकाय में शिक्षकों की कमी दूर करने और आगामी शिक्षक भर्ती में रिक्तियों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। शिक्षा मंत्री से मिलने के लिए अभ्यर्थियों को करीब 13 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान खगड़िया के सावन कुमार ने अभ्यर्थियों को एकजुट रखा और उनका हौसला बनाए रखा। लंबे इंतजार के बावजूद सभी अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री को सौंपे मांग-पत्र में बताया कि बिहार के 7755 उच्च माध्यमिक (+2) विद्यालयों में वाणिज्य संकाय की पढ़ाई स्वीकृत है। इनमें महज 2112 विद्यालयों में ही वाणिज्य संकाय के शिक्षक उपलब्ध हैं। वहीं, 5643 विद्यालय ऐसे हैं, जहां वाणिज्य शिक्षक नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों को वाणिज्य विषय की पढ़ाई में परेशानी हो रही है। मांग-पत्र के अनुसार टीआरई-01, टीआरई-02 और टीआरई-03 के तहत बिजनेस स्टडीज में करीब 1743, अकाउंटेंसी में 1177 और उद्यमिता में 450 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में विद्यालयों में वाणिज्य शिक्षकों के पद खाली हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि टीआरई-04 में बिजनेस स्टडीज, अकाउंटेंसी और उद्यमिता तीनों विषयों को मिलाकर महज 257 रिक्तियां जारी की गई हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री से तीनों विषयों में कम से कम एक-एक हजार रिक्तियां जारी करने की मांग की, ताकि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर हो सके और अधिक अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सके। सावन कुमार ने कहा कि शिक्षा मंत्री से मिलने के लिए करीब 13 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद सभी अभ्यर्थी एकजुट रहे। एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए सभी अपनी मांग पर डटे रहे, ताकि वाणिज्य शिक्षकों की कमी और रिक्तियों का मुद्दा शिक्षा मंत्री के सामने मजबूती से रखा जा सके।

