भास्कर संवाददाता | हरदा अजनाल नदी के पेड़ीघाट पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान शुक्रवार शाम करीब 4.30 बजे सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच क्षेत्र की रहने वाली दो साल की बच्ची घूमते हुए आ गई। भीड़ के बीच रोने लगी। पुलिसकर्मियों ने उसे चुप कराया। महिला एएसआई अनिता शर्मा ने बताया, बच्ची की पहचान हलीमा पिता हारुन के रूप में हुई। पूछताछ के बाद पेड़ीघाट पर बच्ची को मां को सुपुर्द कर दिया। एसडीएम अशोक डेहरिया ने नदियों को प्रदूषण से बचाने और पर्यावरण सुरक्षा के लिए धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए। नर्मदा नदी और क्षेत्र की अन्य नदियों में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगाई। शुक्रवार को आदेश का असर नजर नहीं आया। श्रद्धालुओं ने अजनाल नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन किया। पीओपी और रसायनों से बनी मूर्तियों के विसर्जन से जल प्रदूषित होगा।

