दीपावली पर मिठाई और ड्राई फ्रूट खरीदने वाले उपभोक्ताओं को वजन में गड़बड़ी से बचाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जांच अभियान शुरू किया है। विधिक मापविज्ञान विभाग की टीम ने सोमवार को अकलेरा में चार मिठाई दुकानों का औचक निरीक्षण कर बोगस ग्राहक भेजकर मिठाई की खरीद और तौल की जांच की। जांच में दुकानों पर मिठाई के साथ डिब्बे का वजन भी तौल में शामिल करने का मामला सामने आया। इस पर अधिकारियों ने व्यापारियों को चेतावनी देते हुए नियमों की पालना करने के निर्देश दिए। बोगस ग्राहक भेजकर की तौल की जांच अभियान का नेतृत्व झालावाड़ के विधिक मापविज्ञान अधिकारी दुर्गेश कुमार ने किया। टीम ने अकलेरा के श्री करणी बीकानेर मिष्ठान भंडार, पवन मिष्ठान भंडार, मधु मिष्ठान भंडार और चेतना रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। दुकानों में इस्तेमाल हो रहे बाट-माप उपकरण सही पाए गए, लेकिन मिठाई के साथ डिब्बे का वजन भी तौल में शामिल किए जाने की गड़बड़ी सामने आई। डिब्बे का वजन जोड़ने पर होगी कार्रवाई अधिकारी ने व्यापारियों को निर्देश दिए कि मिठाई के वास्तविक वजन में डिब्बे का वजन शामिल नहीं करें। ऐसा करने पर विधिक मापविज्ञान अधिनियम की धारा 30 के तहत मामला दर्ज कर जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही दुकानों में इस्तेमाल होने वाले सभी बाट-माप उपकरणों का अधिनियम की धारा 24 के तहत सत्यापन और मुद्रांकन करवाना अनिवार्य है। दीपावली तक जारी रहेगा जांच अभियान विभाग की ओर से दीपावली तक जिलेभर में मिठाई की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों की जांच जारी रहेगी। इस दौरान पैकेज्ड उत्पादों के वजन और उन पर अंकित जरूरी जानकारियों की भी जांच की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को तय मात्रा में और सही माप का सामान मिल सके।

