पैरा एशियन गेम्स- राजस्थान की खिलाड़ियों ने जीता गोल्ड-सिल्वर:राइफल शूटिंग में मोना अग्रवाल पहले और अवनी लेखरा दूसरे नंबर पर रहीं

पैरा एशियन गेम्स- राजस्थान की खिलाड़ियों ने जीता गोल्ड-सिल्वर:राइफल शूटिंग में मोना अग्रवाल पहले और अवनी लेखरा दूसरे नंबर पर रहीं

राजस्थान की निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा ने पैरा एशियन गेम्स के पहले दिन सोमवार को भारत को 2 पदक दिलाए। राइफल शूटिंग में मोना ने गोल्ड और अवनी ने सिल्वर मेडल जीता। जापान के नागोया में चल रहे गेम्स में दोनों ने शानदार वन-टू फिनिश किया। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच 1 स्पर्धा में राजस्थान के मोना अग्रवाल ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि दो बार की पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता अवनी लेखरा ने रजत पदक अपने नाम किया। दोनों भारतीय निशानेबाजों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। मोना ने 250.0 अंकों का रिकॉर्ड स्कोर बनाया और अवनी को 0.4 अंक से पीछे छोड़ दिया। अवनी ने 249.6 अंक हासिल किए। अंतिम शॉट तक बना रहा रोमांच, मोना ने बाजी मारी महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच 1 स्पर्धा में मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। मुकाबले के अंतिम शॉट से पहले मोना 239.2 अंकों के साथ अवनी से महज 0.1 अंक आगे थीं। ऐसे में आखिरी शॉट ने मुकाबले का रुख तय किया। मोना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 250.0 अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। अवनी ने 249.6 अंकों के साथ रजत पदक जीता। इस तरह भारतीय निशानेबाजों ने स्पर्धा में पहले और दूसरे स्थान पर कब्जा किया। एसएच 1 श्रेणी में ऐसे निशानेबाज हिस्सा लेते हैं, जिनके निचले अंगों में विकलांगता होती है। मोना के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि वह पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। अब एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। सीकर की मोना अग्रवाल ने संघर्ष को बनाया ताकत राजस्थान के सीकर की रहने वाली मोना अग्रवाल की सफलता की कहानी संघर्ष, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल है। उनका जन्म 8 नवंबर 1987 को हुआ था। महज नौ महीने की उम्र में उन्हें पोलियो हो गया, जिससे उनके दोनों पैर प्रभावित हुए। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद मोना ने खेलों में अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास जारी रखा। पैरा शूटिंग में आने से पहले उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-पावरलिफ्टिंग में भी हिस्सा लिया। इसके अलावा वह महिलाओं की सिटिंग वॉलीबॉल में भी सक्रिय रहीं। साल 2019 में उन्होंने पहली नेशनल सिटिंग वॉलीबॉल चैंपियनशिप में राजस्थान की महिला टीम की कप्तानी की और टीम को स्वर्ण पदक दिलाया। अलग-अलग खेलों में अनुभव हासिल करने के बाद मोना ने निशानेबाजी को अपना प्रमुख खेल बनाया और लगातार मेहनत के दम पर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की। शादी के बाद मोना जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र में रहती है। 2021 में शुरू किया राइफल शूटिंग का सफर मोना अग्रवाल ने दिसंबर 2021 में राइफल शूटिंग में प्रतिस्पर्धा करना शुरू किया। कम समय में ही उन्होंने इस खेल में अपनी प्रतिभा साबित की। वर्ष 2022 में नेशनल सिल्वर मेडल जीतने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पदक हासिल किए। साल 2023 में क्रोएशिया के ओसिजेक में आयोजित वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट वर्ल्ड कप के मिक्स्ड टीम इवेंट में उन्होंने कांस्य पदक जीता। इसी साल दक्षिण कोरिया के चांगवोन में हुए वर्ल्ड कप में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच 1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके बाद 2024 के पेरिस पैरालंपिक में मोना ने कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। अब नागोया एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ी सफलता जोड़ ली है। उनकी इस जीत से राजस्थान में भी खुशी का माहौल है। अभिनव से प्रेरित होकर अवनी ने शुरू की शूटिंग अवनी लेखरा भी भारतीय पैरा शूटिंग की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। साल 2012 में, जब अवनी 10 साल की थीं, तब एक कार दुर्घटना में उनकी रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई थी। इस हादसे के बाद उनकी जिंदगी में कई चुनौतियां आईं। हालांकि, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। चोट से उबरने के दौरान उनके पिता ने उन्हें खेलों में हाथ आजमाने के लिए प्रोत्साहित किया। ओलंपिक शूटिंग चैंपियन अभिनव बिंद्रा की आत्मकथा ‘अ शॉट एट हिस्ट्री’ से प्रेरित होकर अवनी ने वर्ष 2015 में शूटिंग शुरू की। उन्होंने खेल के साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखी और राजस्थान विश्वविद्यालय से पांच वर्षीय लॉ डिग्री की पढ़ाई की। ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं के बीच संतुलन बनाते हुए अवनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की। वह दो बार पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। नागोया में रजत पदक जीतकर उन्होंने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

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