कैमूर जिले के कुदरा स्थित एक निजी होटल में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पूर्व श्रम संसाधन मंत्री और भाजपा एमएलसी संतोष कुमार सिंह ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने आरक्षण और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति बंद होनी चाहिए। संतोष कुमार सिंह ने नेताओं से विनम्र अपील करते हुए कहा कि सभी को जाति-पाति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए सकारात्मक सोच और विकास की राह पर आगे बढ़ने की जरूरत बताई। चिराग, संतोष मांझी और जीतन राम मांझी के बीच आरक्षण पर घमासान मौजूदा राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए संतोष सिंह ने कहा कि चिराग पासवान, संतोष मांझी और जीतन राम मांझी के बीच आरक्षण के मुद्दे को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के बीच एक-दूसरे का इस्तीफा मांगने की स्थिति बनी हुई है। पूर्व मंत्री ने इसी राजनीतिक विवाद को लेकर अपना पक्ष रखा। ‘आपसी लड़ाई छोड़ राष्ट्रहित में काम करना जरूरी’ संतोष सिंह ने जोर देकर कहा कि आपस में लड़ने के बजाय राष्ट्रहित में काम करने से ही समाज, देश और नागरिकों का भविष्य सुरक्षित हो सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक मतभेदों से ऊपर उठकर विकास और देशहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। युवाओं से देश निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील उन्होंने युवाओं से भी जाति-पाति से ऊपर उठकर देश निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। संतोष सिंह ने कहा कि युवा यदि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और विकास में योगदान दें, तो देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। कैमूर जिले के कुदरा स्थित एक निजी होटल में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पूर्व श्रम संसाधन मंत्री और भाजपा एमएलसी संतोष कुमार सिंह ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने आरक्षण और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति बंद होनी चाहिए। संतोष कुमार सिंह ने नेताओं से विनम्र अपील करते हुए कहा कि सभी को जाति-पाति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए सकारात्मक सोच और विकास की राह पर आगे बढ़ने की जरूरत बताई। चिराग, संतोष मांझी और जीतन राम मांझी के बीच आरक्षण पर घमासान मौजूदा राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए संतोष सिंह ने कहा कि चिराग पासवान, संतोष मांझी और जीतन राम मांझी के बीच आरक्षण के मुद्दे को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के बीच एक-दूसरे का इस्तीफा मांगने की स्थिति बनी हुई है। पूर्व मंत्री ने इसी राजनीतिक विवाद को लेकर अपना पक्ष रखा। ‘आपसी लड़ाई छोड़ राष्ट्रहित में काम करना जरूरी’ संतोष सिंह ने जोर देकर कहा कि आपस में लड़ने के बजाय राष्ट्रहित में काम करने से ही समाज, देश और नागरिकों का भविष्य सुरक्षित हो सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक मतभेदों से ऊपर उठकर विकास और देशहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। युवाओं से देश निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील उन्होंने युवाओं से भी जाति-पाति से ऊपर उठकर देश निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। संतोष सिंह ने कहा कि युवा यदि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और विकास में योगदान दें, तो देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

