हरियाणवी सिंगर हत्याकांड में दो एनकाउंटर पर उठे सवाल:अमिताभ ठाकुर की शिकायत पर मानवाधिकार आयो ने निष्पक्ष जांच के आदेश दिए

हरियाणवी सिंगर हत्याकांड में दो एनकाउंटर पर उठे सवाल:अमिताभ ठाकुर की शिकायत पर मानवाधिकार आयो ने निष्पक्ष जांच के आदेश दिए

हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड से जुड़े कथित शूटर मोहित और सुमित की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत का मामला अब उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) तक पहुंच गया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की शिकायत पर आयोग ने इस मामले को औपचारिक रूप से दर्ज कर लिया है। आयोग ने शिकायत को केस नंबर 19186/24/76/2026-AFE के रूप में पंजीकृत किया है। शिकायत में पुलिस मुठभेड़ में दोनों कथित आरोपियों की मौत की परिस्थितियों, घटनाक्रम और उससे जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। अमिताभ ठाकुर ने अपनी शिकायत में कहा है कि अंकित बालियान की हत्या एक जघन्य घटना थी और इसके दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके। शिकायत में 30 अगस्त की रात करीब 8:19 बजे अरुण (आजाद) चहल के एक्स (X) अकाउंट @ArunAzadchahal से की गई पोस्ट का भी उल्लेख किया गया है। शिकायत के अनुसार, इस पोस्ट में दो आरोपियों के पुलिस के हाथ लगने, दो आरोपियों के भारत से बाहर भाग जाने और उसी रात एनकाउंटर होने संबंधी बातें कही गई थीं। शिकायतकर्ता ने इस पोस्ट और उसके कुछ घंटों बाद हुए पुलिस एनकाउंटर के बीच के समय-क्रम को महत्वपूर्ण बताते हुए इसकी जांच की मांग की है। करीब आठ घंटे बाद दो शूटर मारे गए शिकायत में दावा किया गया है कि उक्त सोशल मीडिया पोस्ट के करीब आठ घंटे बाद दो कथित शूटर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। शिकायतकर्ता ने इस घटनाक्रम को असाधारण बताते हुए इससे जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। जांच में यह स्पष्ट किए जाने की मांग की गई है कि मुठभेड़ किन परिस्थितियों में हुई, घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ और सोशल मीडिया पोस्ट में एनकाउंटर से संबंधित जानकारी घटना से पहले किस आधार पर सामने आई थी। आयोग में केस दर्ज होने से बढ़ी गंभीरता राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा शिकायत को केस के रूप में पंजीकृत किए जाने के बाद मोहित-सुमित एनकाउंटर का मामला अब जांच के एक नए स्तर पर पहुंच गया है। आयोग की कार्रवाई के बाद मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम, पुलिस की कार्रवाई और शिकायत में उठाए गए सवालों पर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, केस दर्ज होना अथवा शिकायत में लगाए गए आरोप अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं करते हैं। मुठभेड़ की वास्तविक परिस्थितियां जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होंगी। अंकित बालियान हत्याकांड और उसके बाद हुए पुलिस एनकाउंटर को लेकर पहले से ही चर्चाओं का दौर जारी है। अब मानवाधिकार आयोग में मामला दर्ज होने के बाद मुठभेड़ से जुड़े सवालों और आगे होने वाली जांच के निष्कर्ष पर सभी की नजर रहेगी।

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