हरदोई में शाहाबाद कोतवाली में शुक्रवार देर रात 23:23 बजे नगर पालिका परिषद के पूर्व अधिशासी अधिकारी (ईओ) कृष्ण कुमार (के.के.) सोनकर और अधिष्ठान लिपिक के खिलाफ पत्रावली गायब होने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। वर्तमान ईओ सर्वेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन रिट संख्या 1638/2026 में पारित निर्णय के अनुपालन से जुड़ा है। कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए नगर पालिका कार्यालय में आउटसोर्सिंग से संबंधित पत्रावली खोजी गई। काफी तलाश के बाद भी पत्रावली कार्यालय में नहीं मिली। लिपिक ने पूर्व ईओ को सौंपने की बात कही छानबीन के दौरान अधिष्ठान लिपिक ने बताया कि संबंधित पत्रावली तत्कालीन ईओ के.के. सोनकर को सौंप दी गई थी। हालांकि, कार्यालय के रिकॉर्ड में पत्रावली हस्तांतरण की कोई लिखित रसीद या अन्य प्रमाण दर्ज नहीं मिला। इसके बाद पत्रावली के गायब होने को लेकर मामला पुलिस तक पहुंचा। पूर्व ईओ पहले से जेल में बंद पूर्व ईओ के.के. सोनकर को उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) लखनऊ सेक्टर पहले ही हिरासत में ले चुका है। वह फिलहाल जेल में बंद हैं। पत्रावली उपलब्ध नहीं होने के कारण हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं हो पा रहा है। ईओ ने कोतवाली में दी तहरीर मामले की गंभीरता को देखते हुए वर्तमान ईओ सर्वेश कुमार ने कोतवाली प्रभारी को तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने पूर्व ईओ और अधिष्ठान लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले की जानकारी अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) और नगर पालिका अध्यक्ष को भी दी गई है। पुलिस अब पत्रावली के गायब होने, उसके हस्तांतरण और संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है।


