पुनपुन नदी के पास दो टेंपोररी DPS, 16 पंप लगे:गंगा-पुनपुन नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर, नेपाल में आई बाढ़ के बाद बुडको की तैयारी

पुनपुन नदी के पास दो टेंपोररी DPS, 16 पंप लगे:गंगा-पुनपुन नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर, नेपाल में आई बाढ़ के बाद बुडको की तैयारी

नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। गंगा और पुनपुन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार शहरी आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (बुडको) अलर्ट मोड में आ गया है। पुनपुन नदी के पास 2 टेंपोररी ट्रेनेज पंपिंग स्टेशन (TDPS) बनाए गए हैं, जिसमें कुल 16 पंप लगाए गए हैं। इसमें एक खानपुर TDPS और बरमुत्ता TDPS है। वहीं, कंट्रोल रूम से भी निगरानी रखी जा रही है। तीन पाली में कर्मी काम कर रहे हैं। हर पाली में 2 कर्मी और एक पदाधिकारी कार्यरत हैं। सभी संप के वाटर लेवल पर विशेष नजर रखी जा रही प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर के निर्देश पर सभी संप के वाटर लेवल पर विशेष नजर रखी जा रही है। गंगा और पुनपुन नदी किनारे स्थित प्रमुख ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को मानसून के लिए पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है। इन डीपीएस के माध्यम से ही पटना शहर के बड़े हिस्से का पानी गंगा में छोड़ा जाता है। सभी डीपीएस पर डीजल भंडारण के लिए SS टैंक लगा दिया गया है।
सैंड बैग का पर्याप्त स्टोरेज किया गया है सभी डीपीएस के मेकैनिकल और विद्युत उपकरणों की मरम्मत 15 मई तक पूरी कर ली गई है। इसमें 261 पंप सेट, 108 ट्रॉली माउन्टेड पंप सेट, 261 विद्युत-स्टार्टर पैनल, 119 ट्रांसफार्मर, 39 डीजी सेट शामिल है। कई डीपीएस पर भरा हुआ सैंड बैग का पर्याप्त स्टोरेज किया गया है, ताकि विषम परिस्थिति में उपयोग किया जा सके। वर्तमान में कुल 56 डीपीएस में से 16 में डेडिकेटेड फीडर से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था कर दी गई है।
रात में भी निगरानी इसके साथ ही रात में सभी कर्मियों की ओर से मौसम के ब्रॉडकास्ट/ गंगा और पुनपुन के जलस्तर के साथ ग्रेटिंग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ग्रेटिंग की लगातार सफाई और टायर-ट्यूब, प्लास्टिक बैग, जूट बैग जैसे कचरे को ग्रेटिंग पर ही रोकने का विशेष निर्देश दिया गया है, जिससे पंप का प्रवाह अवरुद्ध न हो और जल निकासी निर्बाध रूप से जारी रहे। नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। गंगा और पुनपुन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार शहरी आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (बुडको) अलर्ट मोड में आ गया है। पुनपुन नदी के पास 2 टेंपोररी ट्रेनेज पंपिंग स्टेशन (TDPS) बनाए गए हैं, जिसमें कुल 16 पंप लगाए गए हैं। इसमें एक खानपुर TDPS और बरमुत्ता TDPS है। वहीं, कंट्रोल रूम से भी निगरानी रखी जा रही है। तीन पाली में कर्मी काम कर रहे हैं। हर पाली में 2 कर्मी और एक पदाधिकारी कार्यरत हैं। सभी संप के वाटर लेवल पर विशेष नजर रखी जा रही प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर के निर्देश पर सभी संप के वाटर लेवल पर विशेष नजर रखी जा रही है। गंगा और पुनपुन नदी किनारे स्थित प्रमुख ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को मानसून के लिए पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है। इन डीपीएस के माध्यम से ही पटना शहर के बड़े हिस्से का पानी गंगा में छोड़ा जाता है। सभी डीपीएस पर डीजल भंडारण के लिए SS टैंक लगा दिया गया है।
सैंड बैग का पर्याप्त स्टोरेज किया गया है सभी डीपीएस के मेकैनिकल और विद्युत उपकरणों की मरम्मत 15 मई तक पूरी कर ली गई है। इसमें 261 पंप सेट, 108 ट्रॉली माउन्टेड पंप सेट, 261 विद्युत-स्टार्टर पैनल, 119 ट्रांसफार्मर, 39 डीजी सेट शामिल है। कई डीपीएस पर भरा हुआ सैंड बैग का पर्याप्त स्टोरेज किया गया है, ताकि विषम परिस्थिति में उपयोग किया जा सके। वर्तमान में कुल 56 डीपीएस में से 16 में डेडिकेटेड फीडर से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था कर दी गई है।
रात में भी निगरानी इसके साथ ही रात में सभी कर्मियों की ओर से मौसम के ब्रॉडकास्ट/ गंगा और पुनपुन के जलस्तर के साथ ग्रेटिंग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ग्रेटिंग की लगातार सफाई और टायर-ट्यूब, प्लास्टिक बैग, जूट बैग जैसे कचरे को ग्रेटिंग पर ही रोकने का विशेष निर्देश दिया गया है, जिससे पंप का प्रवाह अवरुद्ध न हो और जल निकासी निर्बाध रूप से जारी रहे।  

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