पीलीभीत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंगल देव सिंह की अदालत ने अधिवक्ता को हिरासत में रखने के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी जयशंकर सिंह समेत संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने सात दिन में एफआईआर की प्रति पेश करने को कहा है। अधिवक्ता रामानुज सैनी 27 अगस्त 2026 को जनसुनवाई पोर्टल से जुड़ी शिकायत के मामले में जहानाबाद थाने पहुंचे थे। आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी जयशंकर सिंह, थाना आरक्षी मनोज कुमार और मुख्य आरक्षी मोहम्मद इरफान ने उनसे गाली-गलौज की। आरोप के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने उनका मोबाइल फोन और बटुआ ले लिया और बिना कानूनी आधार के उन्हें एक घंटा 17 मिनट तक हवालात में रखा। अधिवक्ता का कहना है कि उनसे माफीनामा लिखवाने के बाद छोड़ा गया। पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर रामानुज सैनी ने अदालत का रुख किया। अधिवक्ता विक्रांत हुसैन, अंशुल गौरव सिंह, फैजान अली खान, आमिर खान और नितिन राठौर ने मामले में पैरवी की। अदालत ने शिकायत और उपलब्ध तथ्यों पर संज्ञान लेते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(4) के तहत आवेदन स्वीकार किया। अदालत ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।

