मिर्जापुर में श्री त्रिमोहानी रामलीला कमेटी के तत्वावधान में सप्तमी की प्राचीन एवं ऐतिहासिक भरत मिलाप शोभा यात्रा सोमवार की आधी रात को धूमधाम से निकाली गई। जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। वनवास समाप्त कर अयोध्या लौटे भगवान श्रीराम और भरत के मिलन का भावुक दृश्य देखकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। चारों भाइयों राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के साथ वीर हनुमान का मिलन देख भक्त भावविभोर हो उठे। चार तस्वीरें देखें परंपरागत तरीके से निकली भरत मिलाप की शोभायात्रा में भरत लाव-लश्कर और बैंडबाजे के साथ पहुंचे। भगवान राम को सामने देखकर भरत सहित चारों भाई एक-दूसरे के गले मिले। इसके बाद राम के अनुजों ने माता सीता का आशीर्वाद लिया। इस अलौकिक मिलन के दौरान श्रद्धालु जय श्रीराम के जयकारे लगाते रहे। भगवान राम की सवारी का दर्शन करने के लिए मानो सोमवार की सुबह भगवान भास्कर भी निकल आए। शोभायात्रा के आगे कमेटी का पताका लहरा रहा था। बैंडबाजे की धुन और पटाखों की आवाज से लोगों को भरत मिलाप के आगमन की जानकारी मिलती रही। आकर्षक झांकियों पर विराजमान देवी-देवताओं के दर्शन के लिए सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। श्रीराम दरबार में भक्ति भाव से प्रस्तुत ‘बजाया जा तू प्यारे हनुमान चुटकी’ पर नृत्य ने लोगों का मन मोह लिया। वहीं ‘मानो तो मैं गंगा मां हूं, न मानो तो बहता पानी’ की प्रस्तुति ने गंगा की महत्ता और संरक्षण का संदेश दिया। विभिन्न झांकियों के बाद सबसे पीछे भगवान श्रीराम का विशाल रथ चल रहा था। भक्त जयकारे लगाते हुए भगवान के दर्शन कर नमन करते रहे। नारघाट से निकली शोभायात्रा गऊघाट, त्रिमोहानी, पसरहट्टा, नबालक का तबेला, बसनई बाजार, कोतवाली रोड, घंटाघर, वासलीगंज, गिरधर का चौराहा, पेहटी का चौराहा, तुलसी चौक और गुड़हट्टी होते हुए पुनः त्रिमोहानी पहुंची। यहां श्रीराम दरबार की आरती के साथ आयोजन का समापन हुआ। भरत मिलाप में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ शहर कोतवाली प्रभारी दयाशंकर ओझा लगातार भ्रमण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभालते रहे। पूरी शोभायात्रा के दौरान नगर में धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।

