पीटीएम में कैमरे से कतराईं मांएं… असहज शिक्षक बोले- हम टीचर हैं पार्टी वर्कर नहीं

पीटीएम में कैमरे से कतराईं मांएं… असहज शिक्षक बोले- हम टीचर हैं पार्टी वर्कर नहीं

जालंधर | मैं इस वक्त एक सीनियर सेकेंडरी सरकारी स्कूल के प्रांगण में मौजूद हूं, जहां आयोजित मेगा पीटीएम में बच्चों की शिक्षा से ज्यादा चर्चा ‘मुख्यमंत्री मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के वीडियो शूट की हो रही है। 6 अक्टूबर को जारी सरकारी निर्देशों के तहत, शिक्षकों को योजना की लाभार्थी माताओं के 1 से 2 मिनट के वीडियो टेस्टिमोनियल रिकॉर्ड करने का काम सौंपा गया है। इन वीडियो में माताओं से पूछना है कि यह योजना उनके लिए क्या मायने रखती है, मिली राशि का इस्तेमाल कहां हुआ और मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए उनका क्या संदेश है। निर्देशों के मुताबिक, इनमें से 10 बेहतरीन वीडियो चुनकर एमस्टार रिपोर्टिंग फॉर्म पर अपलोड भी करने हैं। लेकिन मौके पर शिक्षकों और अभिभावकों के बीच भारी असमंजस का माहौल बना हुआ है। कई शिक्षक कैमरे के साथ माताओं से सवाल पूछते हुए काफी असहज दिख रहे हैं। एक शिक्षक ने यहां खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हम स्कूल में बच्चों को पढ़ाने आए हैं, किसी पार्टी के वर्कर बनकर सरकार की योजनाओं का प्रचार करने नहीं। पीटीएम में अभिभावकों से सिर्फ बच्चे की पढ़ाई और प्रोग्रेस पर बात होनी चाहिए। दूसरी ओर, अभिभावक भी कैमरे के सामने आने से हिचकिचा रहे हैं। 11वीं की एक छात्रा की मां ने चिंता जताते हुए कहा कि वीडियो देखने पर घर वाले नाराज हो सकते हैं। हालांकि, शिक्षकों द्वारा वीडियो सिर्फ स्कूल तक सीमित रखने के भरोसे के बाद कुछ महिलाएं तैयार हुईं। बातचीत में एक मां ने बताया कि उन्होंने मिली राशि से यूनिफॉर्म खरीदी, तो किसी ने बच्चे के लिए गिफ्ट लिया। वहीं, 9वीं के एक छात्र की मां का कहना था कि दूसरी बेटी के स्कूल में सिर्फ पढ़ाई पर बात हुई थी। फिलहाल, स्कूलों में शिक्षा के इस मंच पर प्रचार के निर्देशों को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया साफ नजर आ रही है। सम्मान समारोह के कारण नहीं बना वीडियो सरकारी स्कूलों की मेगा पीटीएम में जहां एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एसएमसी सदस्यों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया, वहीं एक अन्य स्कूल में चुनावी व नगर निगम कार्यों के चलते हॉल व्यस्त रहने से न तो वीडियो दिखाए जा सके और न ही रिकॉर्ड हो पाए। यहां केवल बच्चों की फीडबैक वीडियो ही बनाई गईं। पीटीएम में पहुंचे ज्यादातर अभिभावकों ने बताया कि उन्हें बच्चों की पढ़ाई, हाजिरी और स्कूल में उनकी प्रगति के बारे में जानकारी दी गई। मांवां-धीयां सत्कार योजना की राशि से बच्चों के लिए यूनिफॉर्म व उपहार खरीदने वाली माताओं ने इसे सराहा। इस दौरान शिक्षा विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य, मजबूत पारिवारिक संबंधों, चार सालों में स्कूलों के बुनियादी ढांचे में बदलाव और नशे के लक्षणों की पहचान से जुड़े हेल्पलाइन नंबर वाले जागरूकता पंपलेट बांटे गए। इस साल 20 मई को हुई मेगा पीटीएम के दौरान भी शिक्षक संगठनों ने स्कूलों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का प्रचार किए जाने पर सवाल उठाए थे। उस समय जारी पंपलेट में सड़क सुरक्षा, मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना, किसानों को 8 घंटे बिजली और बिजली बिल माफी सहित सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख किया गया था।

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