लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर अब कम हो रहा है। सिंचाई विभाग के अनुसार, शनिवार शाम 6 बजे तक गऊघाट पर जलस्तर 6 सेंटीमीटर, हनुमान सेतु पर 6 सेंटीमीटर और गोमती बैराज पर 4 सेंटीमीटर कम हुआ। वहीं, सीतापुर के नीमसार में 29 सितंबर के मुकाबले जलस्तर में 87 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। भटपुरवा में भी 2 अक्टूबर के मुकाबले जलस्तर 38 सेंटीमीटर घटा है। जलस्तर में कमी के बाद प्रभावित इलाकों में हालात सुधरने के संकेत हैं। ऐसे में 4 से 5 दिनों में हालात सामान्य होने की उम्मीद है। इससे पहले जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार ने इटौंजा और फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जलस्तर की स्थिति देखने के साथ राहत सामग्री के वितरण, खाने-पीने की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। इटौंजा में 1,700 राहत किट बांटीं इटौंजा क्षेत्र में चारुमित्रा स्कूल स्थित राहत किट वितरण केंद्र का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि अब तक 1,700 राहत किट बांटी जा चुकी हैं। शनिवार शाम तक 250 और किट बांटने का लक्ष्य रखा गया था। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जाए। कोई भी पात्र परिवार इससे वंचित न रहे। उन्होंने राशन कार्डधारकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। इसके लिए कोटेदारों और संबंधित अधिकारियों के बीच तालमेल बनाकर राशन वितरण सुनिश्चित करने को कहा। गांव लौट रहे लोगों को मेडिकल किट देने के निर्देश अधिकारियों ने इटौंजा के लासा गांव पहुंचकर जलस्तर की स्थिति देखी। यहां पानी कम होने के साथ नावों से ग्रामीणों का आवागमन जारी है। जिलाधिकारी ने गांव लौट रहे लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों को जरूरी दवाओं के साथ मेडिकल किट उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय रखने को कहा, ताकि जलभराव के बाद होने वाली बीमारियों से बचाव किया जा सके। फैजुल्लागंज में 3,500 राहत किट बांटीं फैजुल्लागंज में भी जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। यहां तहसील सदर की टीम अब तक 3,500 राहत किट बांट चुकी है। प्रभावित परिवारों को पका हुआ भोजन और पीने का पानी भी उपलब्ध कराया जा रहा है। नगर निगम की टीम प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई और फॉगिंग करा रही है। इसका मकसद मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाना और संक्रामक बीमारियों का खतरा कम करना है। प्रभावित और बीमार पशुओं के इलाज की व्यवस्था भी की जा रही है। SDRF और NDRF की टीमें तैनात जिला प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। प्रभावित परिवारों के साथ पशुओं के लिए चारे, स्वास्थ्य सेवाओं और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। SDRF और NDRF की टीमें भी तैनात हैं। प्रशासन जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है और संबंधित विभागों को आपसी तालमेल से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। कुल राहत किट वितरण: 1.इटौंजा में 1,700 किट 2.फैजुल्लागंज में 3,500 किट

