पितृपक्ष मेले का समापन:गयाजी में पितृपक्ष मेले में 50 लाख से अधिक पिंडदानी आए, पर किसी ने कोई शिकायत नहीं की: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार

पितृपक्ष मेले का समापन:गयाजी में पितृपक्ष मेले में 50 लाख से अधिक पिंडदानी आए, पर किसी ने कोई शिकायत नहीं की: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार

विस अध्यक्ष ने व्यवस्था को सराहा विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, लेकिन किसी ने व्यवस्था में कमी की शिकायत नहीं की। बिजली, सफाई, सुरक्षा, ट्रैफिक और आवासन से लेकर निःशुल्क भोजन तक की व्यवस्था बेहतर रही। श्रद्धालु संतुष्ट होकर लौटे और गयाजी के साथ बिहार की भी प्रशंसा की। यह गयाजी के लिए गर्व की बात है। ये बातें पितृपक्ष मेले के समापन समारोह में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहीं। उन्होंने कहा कि मेले की सफलता में केंद्र सरकार, रेल मंत्रालय, बिहार सरकार, जिला प्रशासन, धार्मिक-सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय लोगों की अहम भूमिका रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रभारी मंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से श्रद्धालुओं के सामने अतिथि देवो भव: की परंपरा साकार हुई। कहा कि पितृपक्ष मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और पारिवारिक संस्कारों का महापर्व है। गया की धार्मिक महत्ता के साथ इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी जुड़ा है। कुलदेवी की पूजा व तर्पण को सपरिवार आए एमपी के सीएम
बोधगया |हिंदू धर्म की सप्त मातृका में एक हैं वाराही देवी। यह भगवान विष्णु की वराहावतार की शक्ति है। बोधगया मठ में इनकी मूर्ति है। मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव की यह कुल देवी है। इसकी पूजा के लिए वे परिवार के साथ शनिवार को एकदिवसीय दौरे पर बोधगया के शंकराचार्य मठ पहुंचे। उन्होंने कुलदेवी मां वराह देवी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान मठ परिसर में धार्मिक आचार्यों और पुरोहितों के निर्देशन में उन्होंने पूजा किया। उन्होंने मठ के मंदिर में पूजा के दौरान प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। मठ घाट पर पहुंचकर निरंजना नदी में अपने पूर्वजों का तर्पण किया। उनके साथ उनकी पत्नी सीमा यादव, बेटा वैभव यादव व बहू भी साथ थे। बाद में सेवा भारती के चिकित्सा शिविर भी गए। दोमुहान स्थित होटल संचालक संजय सिंह के आवास भी गए व शाम में भोपाल के लिए रवाना हुए। विस अध्यक्ष ने व्यवस्था को सराहा विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, लेकिन किसी ने व्यवस्था में कमी की शिकायत नहीं की। बिजली, सफाई, सुरक्षा, ट्रैफिक और आवासन से लेकर निःशुल्क भोजन तक की व्यवस्था बेहतर रही। श्रद्धालु संतुष्ट होकर लौटे और गयाजी के साथ बिहार की भी प्रशंसा की। यह गयाजी के लिए गर्व की बात है। ये बातें पितृपक्ष मेले के समापन समारोह में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहीं। उन्होंने कहा कि मेले की सफलता में केंद्र सरकार, रेल मंत्रालय, बिहार सरकार, जिला प्रशासन, धार्मिक-सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय लोगों की अहम भूमिका रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रभारी मंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से श्रद्धालुओं के सामने अतिथि देवो भव: की परंपरा साकार हुई। कहा कि पितृपक्ष मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और पारिवारिक संस्कारों का महापर्व है। गया की धार्मिक महत्ता के साथ इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी जुड़ा है। कुलदेवी की पूजा व तर्पण को सपरिवार आए एमपी के सीएम
बोधगया |हिंदू धर्म की सप्त मातृका में एक हैं वाराही देवी। यह भगवान विष्णु की वराहावतार की शक्ति है। बोधगया मठ में इनकी मूर्ति है। मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव की यह कुल देवी है। इसकी पूजा के लिए वे परिवार के साथ शनिवार को एकदिवसीय दौरे पर बोधगया के शंकराचार्य मठ पहुंचे। उन्होंने कुलदेवी मां वराह देवी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान मठ परिसर में धार्मिक आचार्यों और पुरोहितों के निर्देशन में उन्होंने पूजा किया। उन्होंने मठ के मंदिर में पूजा के दौरान प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। मठ घाट पर पहुंचकर निरंजना नदी में अपने पूर्वजों का तर्पण किया। उनके साथ उनकी पत्नी सीमा यादव, बेटा वैभव यादव व बहू भी साथ थे। बाद में सेवा भारती के चिकित्सा शिविर भी गए। दोमुहान स्थित होटल संचालक संजय सिंह के आवास भी गए व शाम में भोपाल के लिए रवाना हुए।  

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