पठानकोट के कस्बा तारागढ़ में दाना मंडी के पास मुख्य सड़क पर इनोवा गाड़ी तिरछी खड़ी कर चक्का जाम करने, राहगीरों को परेशान करने और समझाने पहुंचे पुलिसकर्मियों से बदसलूकी कर जान से मारने की धमकी देने पर 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तारागढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी की पहचान कर उसके और 19 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि धरना देने का आड़ में उक्त लोगों ने डेढ़ घंटा ट्रैफिक रोके रखा और समझाने गए पुलिस कर्मियों से बदसलूकी करते हुए जान से मारने की धमकियां दीं। जिसके बाद पुलिस ने एएसआई नरिंदर सिंह की शिकायत पर उक्त कार्रवाई की। सड़क पर इनोवा खड़ी कर रोका था ट्रैफिक पुलिस को दी गई शिकायत में एएसआई नरिंदर सिंह ने बताया कि वे पुलिस टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान, मुखबिर खास से सूचना मिली कि तारागढ़ दाना मंडी के पास नरोट जैमल सिंह की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर कुछ अज्ञात लोग धरना देकर नारेबाजी कर रहे हैं। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि लगभग 19-20 लोग सड़क के बीचों-बीच बैठे हुए थे। एक व्यक्ति ने अपनी सफेद रंग की इनोवा कार को सड़क के बीचों-बीच तिरछा खड़ा कर रखा था, जिससे सड़क के दोनों ओर 100 से 120 मालवाहक ट्रकों की लंबी कतारें लग गई थीं और पूरा यातायात ठप हो गया था। पुलिस टीम को आगे जाने से रोका, दी जान से मारने की धमकी एएसआई नरिंदर सिंह और पुलिस कर्मचारियों ने जब इनोवा चालक और प्रदर्शनकारियों से आम जनता की परेशानी का हवाला देते हुए जाम हटाने की अपील की, तो आरोपी चालक उग्र हो गया। गाली-गलौज और धमकियां: आरोपी कार चालक ने पुलिस पार्टी को दोटूक कहा कि “हम पुलिस गाड़ी को भी आगे नहीं जाने देंगे”। काफी समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने और पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकियां देने लगे। डेढ़ घंटे तक बाधित रहा मार्ग: पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने दोपहर 12:30 बजे से लेकर 2:00 बजे (करीब डेढ़ घंटा) तक मुख्य मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध रखा। मुख्य आरोपी की पहचान, BNS की धाराओं में FIR दर्ज पुलिस द्वारा की गई जांच के बाद इनोवा कार के किनारे लगा कर धरना देने वाले मुख्य आरोपी की पहचान सुखवंत सिंह उर्फ सुक्खा निवासी गांव बारठ साहिब, थाना सदर पठानकोट के रूप में हुई है। पठानकोट पुलिस ने आरोपी सुखवंत सिंह और उसके साथ मौजूद 19-20 अज्ञात साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 (सरकारी कर्मचारी पर हमला/काम में बाधा), 221, 351(3) (जान से मारने की धमकी), 285 (जनमार्ग में बाधा) और 190 (गैर-कानूनी जनसमूह) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

