पटना नगर निगम की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर शहर में भव्य पाटलिपुत्र महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन पर करीब 20 से 25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 5 से 7 नवंबर 2026 तक पाटलिपुत्र महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य बिहार की कला, संस्कृति और समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना है। नगर निगम के अनुसार, महोत्सव से शहर को करीब 325 से 540 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ होने का अनुमान है। इस महोत्सव के जरिए बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ राज्य की आधुनिक उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। हर दिन अलग थीम पर होंगे कार्यक्रम पाटलिपुत्र महोत्सव 2026 को बड़े और आधुनिक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। आयोजन के लिए एक मुख्य सांस्कृतिक थीम तैयार की जाएगी, जिसमें बिहार की परंपरा, आध्यात्मिकता, नृत्य, संगीत, इतिहास, कला और क्षेत्रीय विविधता को शामिल किया जाएगा। हर दिन के कार्यक्रमों के लिए अलग थीम तैयार करने के साथ मंच, लाइट और साउंड की आधुनिक व्यवस्था की जाएगी। महोत्सव के लिए डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म, फेस्टिवल डायरी और कलाकारों की प्रोफाइल भी तैयार की जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए बिहार की संस्कृति को समझाने वाली गाइडबुक और अन्य सामग्री तैयार करने की भी योजना है। सांस्कृतिक पवेलियन और VR-AR जोन बनेंगे दर्शकों के लिए इंटरैक्टिव जोन, सांस्कृतeक पवेलियन, हेरिटेज गैलरी और VR/AR आधारित एक्सपीरियंस जोन तैयार करने की योजना है। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, ग्रीन रूम, कंट्रोल जोन और पर्याप्त संख्या में शौचालय की व्यवस्था भी की जाएगी। सामान्य दर्शकों के साथ स्पेशल गेस्ट, वीआईपी, वीवीआईपी और प्रायोजकों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था प्रस्तावित है। 20 हजार से अधिक लोगों के लिए प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था आयोजन से जुड़े रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के अनुसार प्रत्येक आयोजन स्थल पर करीब 20 हजार से अधिक लोगों की भीड़ को संभालने के लिए प्रवेश और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सुरक्षा गार्ड, बाउंसर, फायर मार्शल, सीसीटीवी, वॉकी-टॉकी, मेटल डिटेक्टर, अग्निशमन यंत्र और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जाएगी। टिकटिंग व्यवस्था ऑनलाइन और आयोजन स्थल दोनों स्तरों पर संचालित करने का प्रस्ताव है। प्रवेश के लिए क्यूआर कोड स्कैनिंग, पास और रिस्टबैंड की व्यवस्था की जाएगी। पटना नगर निगम की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर शहर में भव्य पाटलिपुत्र महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन पर करीब 20 से 25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 5 से 7 नवंबर 2026 तक पाटलिपुत्र महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य बिहार की कला, संस्कृति और समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना है। नगर निगम के अनुसार, महोत्सव से शहर को करीब 325 से 540 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ होने का अनुमान है। इस महोत्सव के जरिए बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ राज्य की आधुनिक उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। हर दिन अलग थीम पर होंगे कार्यक्रम पाटलिपुत्र महोत्सव 2026 को बड़े और आधुनिक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। आयोजन के लिए एक मुख्य सांस्कृतिक थीम तैयार की जाएगी, जिसमें बिहार की परंपरा, आध्यात्मिकता, नृत्य, संगीत, इतिहास, कला और क्षेत्रीय विविधता को शामिल किया जाएगा। हर दिन के कार्यक्रमों के लिए अलग थीम तैयार करने के साथ मंच, लाइट और साउंड की आधुनिक व्यवस्था की जाएगी। महोत्सव के लिए डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म, फेस्टिवल डायरी और कलाकारों की प्रोफाइल भी तैयार की जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए बिहार की संस्कृति को समझाने वाली गाइडबुक और अन्य सामग्री तैयार करने की भी योजना है। सांस्कृतिक पवेलियन और VR-AR जोन बनेंगे दर्शकों के लिए इंटरैक्टिव जोन, सांस्कृतeक पवेलियन, हेरिटेज गैलरी और VR/AR आधारित एक्सपीरियंस जोन तैयार करने की योजना है। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, ग्रीन रूम, कंट्रोल जोन और पर्याप्त संख्या में शौचालय की व्यवस्था भी की जाएगी। सामान्य दर्शकों के साथ स्पेशल गेस्ट, वीआईपी, वीवीआईपी और प्रायोजकों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था प्रस्तावित है। 20 हजार से अधिक लोगों के लिए प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था आयोजन से जुड़े रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के अनुसार प्रत्येक आयोजन स्थल पर करीब 20 हजार से अधिक लोगों की भीड़ को संभालने के लिए प्रवेश और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सुरक्षा गार्ड, बाउंसर, फायर मार्शल, सीसीटीवी, वॉकी-टॉकी, मेटल डिटेक्टर, अग्निशमन यंत्र और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जाएगी। टिकटिंग व्यवस्था ऑनलाइन और आयोजन स्थल दोनों स्तरों पर संचालित करने का प्रस्ताव है। प्रवेश के लिए क्यूआर कोड स्कैनिंग, पास और रिस्टबैंड की व्यवस्था की जाएगी।

