पटना नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया राशि वसूलने के लिए डोर-टू-डोर अभियान तेज कर दिया है। नगर निगम की समीक्षा के अनुसार, सरकारी संस्थानों में पटना जू पर सबसे अधिक 9.88 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। निगम की टीमें चिह्नित मकानों, प्रतिष्ठानों और अन्य संपत्तियों पर पहुंचकर कर से जुड़ी जानकारी की जांच कर रही हैं। सरकारी विभागों की संपत्तियों से भी करोड़ों रुपये बकाया है। इसके लिए संबंधित विभागों से समन्वय कर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रमुख सरकारी बकाएदार और टैक्स राशि पांच प्रमुख निजी संपत्तियों पर करीब 1.94 करोड़ बकाया इस अभियान के दौरान चिह्नित पांच प्रमुख गैर-सरकारी संपत्तियों पर करीब 1.94 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया पाया गया है। इनमें चार संपत्तियां पाटलिपुत्र अंचल और एक नूतन राजधानी अंचल में है। पटना नगर निगम ने बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए क्षेत्रवार मामलों की निगरानी बढ़ा दी है। निगम की टीमें लगातार बकायेदारों से संपर्क कर रही हैं और लंबित राशि जमा कराने पर जोर दिया जा रहा है। टॉप पांच गैर-सरकारी बकाएदार एक दिन में रिकॉर्ड 193 संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट दूसरी तरफ निगम ने एक दिन में रिकॉर्ड 193 नई संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट किया। वहीं, सभी छह अंचलों में चलाए गए डोर-टू-डोर अभियान के दौरान 700 से अधिक संपत्तियों से करीब 56.55 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली की गई। निगम की टीमें घर-घर जाकर संपत्ति मालिकों से संपर्क कर संबंधी जानकारी जुटा रही हैं। इस दौरान 55 संपत्ति मालिकों ने स्व-कर पुनर्निर्धारण कराया, जबकि 23 संपत्तियों में पेनाल्टी के साथ दोबारा कर निर्धारण किया गया। हर अंचल में प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन टैक्स निर्धारण के लिए अफसर को बुला सकेंगे घर अब टैक्स निर्धारण के लिए अफसर को घर बुला सकेंगे। नगर निगम ने कार्यपालक पदाधिकारी और राजस्व पदाधिकारी का नंबर सार्वजनिक किया है। अगर समझ नहीं आए तो फोन पर भी सुझाव ले सकेंगे। यदि किसी संपत्ति का अभी तक कर निर्धारण या पुनर्निर्धारण नहीं हुआ है, अथवा संपत्ति कर बकाया है, तो संपत्ति के मालिक ऑनलाइन माध्यम से पटना नगर निगम की वेबसाइट के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पटना नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया राशि वसूलने के लिए डोर-टू-डोर अभियान तेज कर दिया है। नगर निगम की समीक्षा के अनुसार, सरकारी संस्थानों में पटना जू पर सबसे अधिक 9.88 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। निगम की टीमें चिह्नित मकानों, प्रतिष्ठानों और अन्य संपत्तियों पर पहुंचकर कर से जुड़ी जानकारी की जांच कर रही हैं। सरकारी विभागों की संपत्तियों से भी करोड़ों रुपये बकाया है। इसके लिए संबंधित विभागों से समन्वय कर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रमुख सरकारी बकाएदार और टैक्स राशि पांच प्रमुख निजी संपत्तियों पर करीब 1.94 करोड़ बकाया इस अभियान के दौरान चिह्नित पांच प्रमुख गैर-सरकारी संपत्तियों पर करीब 1.94 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया पाया गया है। इनमें चार संपत्तियां पाटलिपुत्र अंचल और एक नूतन राजधानी अंचल में है। पटना नगर निगम ने बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए क्षेत्रवार मामलों की निगरानी बढ़ा दी है। निगम की टीमें लगातार बकायेदारों से संपर्क कर रही हैं और लंबित राशि जमा कराने पर जोर दिया जा रहा है। टॉप पांच गैर-सरकारी बकाएदार एक दिन में रिकॉर्ड 193 संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट दूसरी तरफ निगम ने एक दिन में रिकॉर्ड 193 नई संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट किया। वहीं, सभी छह अंचलों में चलाए गए डोर-टू-डोर अभियान के दौरान 700 से अधिक संपत्तियों से करीब 56.55 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली की गई। निगम की टीमें घर-घर जाकर संपत्ति मालिकों से संपर्क कर संबंधी जानकारी जुटा रही हैं। इस दौरान 55 संपत्ति मालिकों ने स्व-कर पुनर्निर्धारण कराया, जबकि 23 संपत्तियों में पेनाल्टी के साथ दोबारा कर निर्धारण किया गया। हर अंचल में प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन टैक्स निर्धारण के लिए अफसर को बुला सकेंगे घर अब टैक्स निर्धारण के लिए अफसर को घर बुला सकेंगे। नगर निगम ने कार्यपालक पदाधिकारी और राजस्व पदाधिकारी का नंबर सार्वजनिक किया है। अगर समझ नहीं आए तो फोन पर भी सुझाव ले सकेंगे। यदि किसी संपत्ति का अभी तक कर निर्धारण या पुनर्निर्धारण नहीं हुआ है, अथवा संपत्ति कर बकाया है, तो संपत्ति के मालिक ऑनलाइन माध्यम से पटना नगर निगम की वेबसाइट के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

