नेपाल बाढ़ में पूर्व टीएमसी विधायक सुब्रांशु रॉय की पत्नी लापता, मंगलवार रात से नहीं हुआ संपर्क

नेपाल बाढ़ में पूर्व टीएमसी विधायक सुब्रांशु रॉय की पत्नी लापता, मंगलवार रात से नहीं हुआ संपर्क

Subhranshu Roy Wife Missing: नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण फ्लैश फ्लड में भारी तबाही हुई है। पूर्व टीएमसी विधायक सुब्रांशु रॉय की पत्नी शर्मिष्ठा भौमिक रॉय समेत 288 भारतीय लापता हैं। 

Nepal Flood Subhranshu Roy Missing: नेपाल में तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक सुब्रांशु रॉय की पत्नी शर्मिष्ठा भौमिक रॉय समेत बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं।

NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर 24 परगना जिले की रहने वाली शर्मिष्ठा भौमिक रॉय 21 अगस्त को एक ट्रैवल एजेंसी के जरिए आयोजित यात्रा में नेपाल गई थीं। वह अकेले सफर कर रही थीं। 25 अगस्त की रात से उनके पति सुब्रांशु रॉय से उनका संपर्क नहीं हो पाया है। सुब्रांशु रॉय पश्चिम बंगाल के बिजपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी विधायक रह चुके हैं। वह पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय के बेटे हैं।

कैलाश-मानसरोवर जा रहा 32 सदस्यीय दल भी लापता

कोलकाता से कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकला 32 सदस्यीय दल भी लापता लोगों में शामिल है। इस दल में 30 पर्यटक और दो टूर मैनेजर हैं। दल ने 21 अगस्त को कोलकाता से यात्रा शुरू की थी और अगले दिन नेपाल पहुंचा था।

बुधवार सुबह दल रसुवागढ़ी इलाके में पहुंचा था, जो नेपाल-तिब्बत सीमा के नजदीक स्थित है। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 8:30 बजे दल के सदस्य इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद थे। इसके बाद इलाके में अचानक आई बाढ़ के कारण उनसे संपर्क टूट गया।

MEA ने क्या कहा?

MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि आपदा के कारण नेपाल में कम्युनिकेशन नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे अब तक 288 भारतीय नागरिकों से सीधा संपर्क नहीं हो पाया है। हालांकि, राहत और बचाव टीमों ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। लोगों के नामों की सूची भी मंत्रालय ने जारी कर दी है

सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त

बता दें कि बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में बस्तियों को तबाह कर दिया है। कई पुल बह गए हैं और सड़क संपर्क बाधित हुआ है। जलविद्युत परियोजनाओं समेत कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।

सड़क और पुलों के क्षतिग्रस्त होने तथा संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण राहत एवं बचाव दलों को सबसे अधिक प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 

  

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