निलंबन-एफआईआर के बाद TI राजन का वीडियो आया सामने:कहा-बहुत कुछ कहना चाहता हूं पर कह नहीं सकता; महिला अधिकारी पुलिसकर्मियों को तनाव देती हैं

निलंबन-एफआईआर के बाद TI राजन का वीडियो आया सामने:कहा-बहुत कुछ कहना चाहता हूं पर कह नहीं सकता; महिला अधिकारी पुलिसकर्मियों को तनाव देती हैं

भोपाल में वकील से मारपीट करने के मामले में निलंबन और एफआईआर के बाद जहांगीराबाद के तत्कालीन टीआई राजन सिंह अहिरवार ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है। जिसमें वे कह रहे हैं कि मामले में बहुत कुछ कहना चाहता हूं पर फिलहाल कह नहीं सकता। सत्य हमेशा सूर्य के समान होता है और बादल कितने भी घने हों, एक दिन छंटेंगे। राजन ने एक महिला पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें मामले से दूर रखने की मांग भी की। वे पुलिसकर्मियों को मानसिक तनाव देती हैं। बोले- गलत काम के लिए निलंबित नहीं हुआ राजन सिंह ने कहा कि वह किसी गलत काम के लिए निलंबित नहीं हुए हैं और न ही किसी आपराधिक मामले में पहले उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है। उन्होंने दावा किया कि उनके विभाग के अधिकारी उनके साथ खड़े हैं। उनके मुताबिक तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि पूरा मामला जनता के सामने है और लोग खुद तथ्यों के आधार पर इसका आकलन करें। जहांगीराबाद के कार्यकाल का किया जिक्र राजन सिंह ने जहांगीराबाद की जनता के सहयोग और अपनापन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में गुंडागर्दी, जुआ और सट्टे पर लगाम लगाने के लिए काम किया। यह वीडियो अधिवक्ता राकेश रावल की शिकायत पर राजन सिंह समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद सामने आया है। मंगलवार रात जहांगीराबाद इलाके और बुधवार को FIR की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने जिला अदालत के सामने प्रदर्शन कर कोर्ट चौराहे पर चक्काजाम किया था। देर रात FIR दर्ज होने के बाद अधिवक्ताओं ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। पुलिस ने राजन सिंह अहिरवार के अलावा आरक्षक यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को भी निलंबित किया है। वहीं, पुलिस की ओर से अधिवक्ता राकेश रावल के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, अभद्रता और मारपीट के आरोप में केस दर्ज किया गया है। विवाद के बाद वकील को पीटा था मामला मंगलवार रात का है। अधिवक्ता राकेश रावल गणेश प्रतिमा विसर्जन के कारण बंद रास्ते को लेकर पुलिसकर्मियों से विवाद के बाद जहांगीराबाद थाने पहुंचे थे। रावल का आरोप है कि थाने में उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा उन्हें कीचड़ में पटककर डंडों से पीटा गया। इसके बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता देर रात थाने पहुंचे और करीब रात 3 बजे तक विरोध किया। तीनों के खिलाफ जांच के निर्देश विवाद बढ़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने TI राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया और मामले की प्राथमिक जांच के निर्देश दिए गए। पुलिस की ओर से अधिवक्ता राकेश रावल के खिलाफ भी शासकीय कार्य में बाधा, अभद्रता और मारपीट के आरोप में केस दर्ज किया गया था। आरक्षक की शिकायत में राकेश रावल पर ये आरोप आरक्षक हरि ओम वर्मा की शिकायत पर अधिवक्ता राकेश रावल के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरक्षक ने अपनी शिकायत में बताया कि 22 सितंबर को शाम करीब 8 बजे उनकी ड्यूटी खटलापुरा विसर्जन घाट पर गणेश विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था के लिए पीएचक्यू गेट नंबर-1 के पास लगी थी। इसी दौरान कंट्रोल रूम की तरफ से एक व्यक्ति लाल रंग की कार (MP04ZL3133) से खटलापुरा रोड की ओर जाने लगा। आरक्षक ने उसे वहां से जाने से मना किया तो उसने कार बीच सड़क पर खड़ी कर दी, जिससे यातायात बाधित होने लगा। शिकायत के मुताबिक, समझाने पर व्यक्ति नशे में प्रतीत हुआ और पूरे पुलिस विभाग को गालियां देने लगा। मना करने पर उसने खुद को भोपाल कोर्ट का वकील बताते हुए अपना नाम राकेश रावल बताया। इसके बाद वह आरक्षक से झगड़ा और मारपीट करने लगा। आरक्षक ने आरोप लगाया कि राकेश रावल ने उसे जान से खत्म करने की धमकी दी और कहा, “2 मिनट में तेरी वर्दी उतरवा दूंगा।” साथ ही कहा, “तू मुझे दूसरे रूट पर भेज रहा, क्या पेट्रोल का पैसा तेरा बाप देगा?” आरक्षक ने घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। उनके निर्देश पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और अभद्रता की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचा। अधिवक्ता की शिकायत पर भी FIR इधर, बुधवार शाम अधिवक्ता राकेश रावल की शिकायत पर भी बीएनएस की धारा 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। FIR के मुताबिक, राकेश रावल भोपाल जिला न्यायालय में नियमित प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि 22 सितंबर को सुबह करीब 8 बजे वे जहांगीराबाद क्षेत्र से अपने घर जा रहे थे। ट्रैफिक डायवर्ट होने के कारण जाम लगा था। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से कहा कि वे जाम में फंस गए हैं और उनकी गाड़ी में पेट्रोल नहीं है। राकेश का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उनसे अभद्रता की। उन्होंने खुद को वकील बताया तो पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर कहा कि “तुम्हारी वकालत निकालते हैं।” शिकायत के अनुसार, इसके बाद पुलिसकर्मी जबरदस्ती उन्हें पुलिस वाहन में बैठाकर जहांगीराबाद थाने ले गए। वहां सामने बने ग्राउंड में अंधेरे में ले जाकर डंडों और लात-घूंसों से मारपीट की गई। राकेश ने शिकायत में बताया कि मारपीट से उनकी पीठ, दाएं पैर के घुटने और बाईं आंख में चोट आई। उन्होंने मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों को सामने आने पर पहचान लेने की बात कही है और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। ये खबर भी पढ़िए… भोपाल में वकील-पुलिसकर्मी विवाद, दोनों तरफ से FIR भोपाल के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में अधिवक्ता राकेश रावल और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद में दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। राकेश रावल की शिकायत पर थाना प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज की गई है। जबकि आरक्षक हरि ओम वर्मा की शिकायत पर राकेश रावल के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, अभद्रता और मारपीट का मामला दर्ज किया गया। पढ़ें पूरी खबर…

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