भारत पहली बार साइक्लिंग रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। इंटरनेशनल साइक्लिंग यूनियन (UCI) ने 2032 की चैंपियनशिप के लिए पुणे को मेजबान चुना है। इसका फैसला मॉन्ट्रियल में हुई UCI कांग्रेस में किया गया। नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगन-ड्रेंथे को 2034 की चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है। UCI प्रेसिडेंट डेविड लापार्तिएंत ने कहा कि पुणे और ग्रोनिंगन-ड्रेंथे की ओर से मजबूत दावेदारी पेश की गई थी। UCI ने दोनों आयोजकों के लिए मेजबानी का रास्ता निकाला है। 2032 में पहली बार भारत आएगी चैंपियनशिप पुणे की मेजबानी के साथ पहली बार UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप भारत में होगी। यह भारत में इंटरनेशनल रोड साइक्लिंग के विस्तार के लिहाज से भी अहम है। UCI ने कहा कि भारत में यह आयोजन प्रतिस्पर्धी साइक्लिंग और आम लोगों के बीच साइकिलिंग को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। भारत 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा 2036 ओलिंपिक की मेजबानी हासिल करने की भी उसकी योजना है। 1974 में पहली बार यूरोप से बाहर हुई थी चैंपियनशिप रोड साइक्लिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप लंबे समय तक यूरोप तक सीमित रही। 1974 में मॉन्ट्रियल में पहली बार यूरोप के बाहर इसका आयोजन हुआ था। इसके बाद 1990 में जापान रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी करने वाला पहला एशियाई देश बना। एशिया में इसके बाद 2016 में दोहा और 2028 में अबू धाबी को मेजबानी मिली। 2025 में रवांडा पहला अफ्रीकी मेजबान बना। 2032 के बाद 2034 में नीदरलैंड्स ग्रोनिंगन और ड्रेंथे को 2034 UCI रोड और पैरा-साइक्लिंग रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की संयुक्त मेजबानी मिली है। यानी 2032 की मेजबानी पुणे को और उसके दो साल बाद 2034 का आयोजन नीदरलैंड्स में होगा। ————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड-प्रज्ञानानंद और गुकेश ने दिलाई भारत को जीत:इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हराया; महिला टीम ने जर्मनी को 3.5-0.5 से मात दी 46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 7वें राउंड में आर. प्रज्ञानानंद और डी. गुकेश की जीत से भारत की मेंस टीम ने इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हरा दिया। बुधवार को समरकंद में खेले गए मुकाबले में प्रज्ञानानंद ने टॉप बोर्ड और गुकेश ने चौथे बोर्ड पर जीत दर्ज की। इससे भारत ने पिछले राउंड में उज्बेकिस्तान से मिली हार के बाद वापसी की। पूरी खबर
भारत में पहली बार होगी साइक्लिंग रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप:पुणे को 2032 की मेजबानी; ग्रोनिंगन-ड्रेंथे में 2034 एडिशन

