नालंदा में गहरे पानी में डूबने से एक मजदूर की मौत हो गई। पैर फिसलने से हादसा हुआ है। मृतक की पहचान दरोगी मांझी के पुत्र नंदे मांझी(46) के रूप में हुई है। घटना राजगीर थाना क्षेत्र के बख्सू गांव की है। पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंचे ग्रामीण पप्पू सिंह और संजय कुमार ने बताया कि नंदे मांझी शौच के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। पानी में डूबने से उनकी जान चली गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मृतक नंदे मांझी पेशे से दैनिक मजदूर थे और मजदूरी करके ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी चांदमुनी भी मजदूरी का काम करती हैं। नंदे मांझी अपने पीछे पत्नी सहित तीन पुत्र और दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार के सभी सदस्य मजदूरी पर ही आश्रित हैं। घर के मुख्य कमाऊ सदस्य की अचानक मौत से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। अस्पताल में पोस्टमार्टम को लेकर इंतजार सूचना के बाद राजगीर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ स्थित सदर अस्पताल भेज दिया। हालांकि, अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घंटों से अस्पताल परिसर में खड़े हैं, लेकिन पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना था कि कागजी और प्रशासनिक स्वीकृति के अभाव का हवाला देकर उन्हें रोका गया है, जिससे वे रात में मच्छरों के बीच परेशान हो रहे हैं। जल्द पोस्टमार्टम कराकर शव सौंपने की मांग की है ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके। छानबीन में जुटी पुलिस वहीं, इस संबंध में राजगीर थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। परिजनों की ओर से आवेदन मिलने पर आगे की विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है नालंदा में गहरे पानी में डूबने से एक मजदूर की मौत हो गई। पैर फिसलने से हादसा हुआ है। मृतक की पहचान दरोगी मांझी के पुत्र नंदे मांझी(46) के रूप में हुई है। घटना राजगीर थाना क्षेत्र के बख्सू गांव की है। पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंचे ग्रामीण पप्पू सिंह और संजय कुमार ने बताया कि नंदे मांझी शौच के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। पानी में डूबने से उनकी जान चली गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मृतक नंदे मांझी पेशे से दैनिक मजदूर थे और मजदूरी करके ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी चांदमुनी भी मजदूरी का काम करती हैं। नंदे मांझी अपने पीछे पत्नी सहित तीन पुत्र और दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार के सभी सदस्य मजदूरी पर ही आश्रित हैं। घर के मुख्य कमाऊ सदस्य की अचानक मौत से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। अस्पताल में पोस्टमार्टम को लेकर इंतजार सूचना के बाद राजगीर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ स्थित सदर अस्पताल भेज दिया। हालांकि, अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घंटों से अस्पताल परिसर में खड़े हैं, लेकिन पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना था कि कागजी और प्रशासनिक स्वीकृति के अभाव का हवाला देकर उन्हें रोका गया है, जिससे वे रात में मच्छरों के बीच परेशान हो रहे हैं। जल्द पोस्टमार्टम कराकर शव सौंपने की मांग की है ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके। छानबीन में जुटी पुलिस वहीं, इस संबंध में राजगीर थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। परिजनों की ओर से आवेदन मिलने पर आगे की विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है

