नालंदा पुलिस कारोबारी राजीव रंजन के घर हुई सवा करोड़ की डकैती मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में शामिल 2 और आरोपियों को छत्तीगढ़ के कोरबा से गिरफ्तार किया है। जिसके बाद से 4.72 लाख कैश और भारी मात्रा में सोने के जेवरात बरामद किए। अब तक इस मामले में 9 बदमाशों की गिरफ्तारी हुई है। रेलवे कर्मी बहनोई के घर छिपा था आरोपी सदर डीएसपी-1 अमरनाथ ने बताया कि पुलिस की विशेष टीम ने सटीक गुप्त सूचना के आधार पर कोरबा में छापेमारी की। वहां से दीपनगर थाना क्षेत्र के गुलनी गांव निवासी सोनू कुमार और जोरारपुर के धीरज कुमार को पकड़ा। डकैती की वारदात को अंजाम देने के बाद सोनू पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए भाग गया था, जहां उसका बहनोई रेलवे में नौकरी करता है। उसी के घर पर छिपा हुआ था। तलाशी के दौरान धीरज के पास से 1 लाख 72 हजार रुपए नकद बरामद हुए, जबकि सोनू कुमार के पास से 3 लाख कैश, दो सोने की चेन, दो मंगलसूत्र, एक लॉकेट और सोने का एक सिक्का बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों पर पूर्व से भी लूट हत्या के मामले दर्ज है। जामताड़ा से पकड़ा गया था मास्टरमाइंड दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित देवीसराय में 3 अगस्त भीषण डकैती हुई थी। थानाध्यक्ष सह केस के आईओ सुमन कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। इससे पहले डकैती की पूरी पटकथा लिखने वाले मुख्य सरगना अजीत सिंह को उसके तीन साथियों संजीव, बिट्टू और आदित्य के साथ झारखंड के जामताड़ा से गिरफ्तार किया गया था। इन लोगों ने वारदात से पहले 10 दिनों तक कारोबारी के घर की रेकी की थी। उनके पास से 16.43 लाख रुपए मिले थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कारोबारी के पूर्व ड्राइवर बबलू प्रसाद(नवादा निवासी) ने ही लूट के बड़े हिस्से के लालच में आकर मास्टरमाइंड को घर की सटीक जानकारी दी थी। उसने ‘लाइनर’ का काम किया था। उसे भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दिल्ली और नवादा से भी हुई थी गिरफ्तारी इस पूरे नेटवर्क को खंगालते हुए पुलिस ने नवादा के वारिसलीगंज से मास्टरमाइंड अजीत सिंह के बेहद करीबी राजेश झा उर्फ लंगड़ा को एक लाख रुपए नकद के साथ पकड़ा था। वारदात के बाद दिल्ली फरार हो चुके जोरारपुर निवासी मुकेश कुमार उर्फ अभिराज उर्फ पुतुल को हाल ही में उसके गांव लौटते ही दबोच लिया गया था। उसके पास से दो लाख रुपए और सोने के कंगन बरामद हुए थे। पुलिस के अनुसार मास्टरमाइंड अजीत सिंह इसी साल फरवरी में जेल से छूटा था। यह गिरोह बिहार थाना क्षेत्र के इमादपुर डकैती कांड में भी शामिल रहा है। छह फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज
सदर डीएसपी-1 अमरनाथ ने बताया कि गिरफ्तारियों के साथ-साथ लूटी गई रकम और आभूषणों की भी लगातार बरामदगी हो रही है। इस बड़ी घटना को कुल 15 अपराधियों ने मिलकर अंजाम दिया था। इनमें से 9 सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, जबकि शेष 6 फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार अलग-अलग संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। नालंदा पुलिस कारोबारी राजीव रंजन के घर हुई सवा करोड़ की डकैती मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में शामिल 2 और आरोपियों को छत्तीगढ़ के कोरबा से गिरफ्तार किया है। जिसके बाद से 4.72 लाख कैश और भारी मात्रा में सोने के जेवरात बरामद किए। अब तक इस मामले में 9 बदमाशों की गिरफ्तारी हुई है। रेलवे कर्मी बहनोई के घर छिपा था आरोपी सदर डीएसपी-1 अमरनाथ ने बताया कि पुलिस की विशेष टीम ने सटीक गुप्त सूचना के आधार पर कोरबा में छापेमारी की। वहां से दीपनगर थाना क्षेत्र के गुलनी गांव निवासी सोनू कुमार और जोरारपुर के धीरज कुमार को पकड़ा। डकैती की वारदात को अंजाम देने के बाद सोनू पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए भाग गया था, जहां उसका बहनोई रेलवे में नौकरी करता है। उसी के घर पर छिपा हुआ था। तलाशी के दौरान धीरज के पास से 1 लाख 72 हजार रुपए नकद बरामद हुए, जबकि सोनू कुमार के पास से 3 लाख कैश, दो सोने की चेन, दो मंगलसूत्र, एक लॉकेट और सोने का एक सिक्का बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों पर पूर्व से भी लूट हत्या के मामले दर्ज है। जामताड़ा से पकड़ा गया था मास्टरमाइंड दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित देवीसराय में 3 अगस्त भीषण डकैती हुई थी। थानाध्यक्ष सह केस के आईओ सुमन कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। इससे पहले डकैती की पूरी पटकथा लिखने वाले मुख्य सरगना अजीत सिंह को उसके तीन साथियों संजीव, बिट्टू और आदित्य के साथ झारखंड के जामताड़ा से गिरफ्तार किया गया था। इन लोगों ने वारदात से पहले 10 दिनों तक कारोबारी के घर की रेकी की थी। उनके पास से 16.43 लाख रुपए मिले थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कारोबारी के पूर्व ड्राइवर बबलू प्रसाद(नवादा निवासी) ने ही लूट के बड़े हिस्से के लालच में आकर मास्टरमाइंड को घर की सटीक जानकारी दी थी। उसने ‘लाइनर’ का काम किया था। उसे भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दिल्ली और नवादा से भी हुई थी गिरफ्तारी इस पूरे नेटवर्क को खंगालते हुए पुलिस ने नवादा के वारिसलीगंज से मास्टरमाइंड अजीत सिंह के बेहद करीबी राजेश झा उर्फ लंगड़ा को एक लाख रुपए नकद के साथ पकड़ा था। वारदात के बाद दिल्ली फरार हो चुके जोरारपुर निवासी मुकेश कुमार उर्फ अभिराज उर्फ पुतुल को हाल ही में उसके गांव लौटते ही दबोच लिया गया था। उसके पास से दो लाख रुपए और सोने के कंगन बरामद हुए थे। पुलिस के अनुसार मास्टरमाइंड अजीत सिंह इसी साल फरवरी में जेल से छूटा था। यह गिरोह बिहार थाना क्षेत्र के इमादपुर डकैती कांड में भी शामिल रहा है। छह फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज
सदर डीएसपी-1 अमरनाथ ने बताया कि गिरफ्तारियों के साथ-साथ लूटी गई रकम और आभूषणों की भी लगातार बरामदगी हो रही है। इस बड़ी घटना को कुल 15 अपराधियों ने मिलकर अंजाम दिया था। इनमें से 9 सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, जबकि शेष 6 फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार अलग-अलग संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


