नालन्दा जिले की साइबर थाना पुलिस ने शुक्रवार को लोन और लॉटरी में इनाम दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के डुमरावां गांव निवासी 19 वर्षीय सोनू कुमार तथा बिहार थाना क्षेत्र के पहाड़पुरा निवासी 23 वर्षीय साहिल कुमार के रूप में की गई है। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध नालंदा साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। व्हाट्सएप के जरिए बिछाते थे ठगी का जाल साइबर डीएसपी ऋषभ आनंद ने बताया कि साइबर पुलिस पोर्टल से कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी मिली थी, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की गई। तकनीकी अनुसंधान में यह बात सामने आई कि आरोपी व्हाट्सएप के जरिए सीधे आम लोगों से संपर्क साधते थे। वे खुद को भारतीय स्टेट बैंक का लोन एजेंट या फिर केरल लॉटरी का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों को विश्वास में लेते थे। इसके बाद कम ब्याज दर पर आसान लोन स्वीकृत कराने अथवा लॉटरी में करोड़ों का ईनाम दिलाने का लालच देकर उनसे प्रोसेसिंग फीस व टैक्स के नाम पर विभिन्न खातों में रुपये ट्रांसफर करवा लेते थे। चार मोबाइल फोन बरामद पुलिस की छापेमारी टीम ने दीपनगर के डुमरावां गांव में दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। उनके पास से अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे कुल चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें तीन टचस्क्रीन स्मार्टफोन और एक कीपैड मोबाइल शामिल है। इस सफल उद्भेदन दल में नालंदा साइबर थाने के दारोगा कुंदन कुमार, अबु तालीब अंसारी, सिपाही पुनेश कुमार, चंदन कुमार, राजन कुमार मांझी, यश कुमार, ऋतु राज, चालक सिपाही निरंजन कुमार और गृह रक्षक संदीप कुमार व करण कुमार शामिल रहे। लोगों से सत्यापन करने की अपील घटना के खुलासे के बाद पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी अज्ञात फोन कॉल, व्हाट्सएप मैसेज, अनचाहे एसएमएस अथवा सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों पर बिना विभागीय पुष्टि के कतई भरोसा न करें और वित्तीय लेन-देन से बचें। नालन्दा जिले की साइबर थाना पुलिस ने शुक्रवार को लोन और लॉटरी में इनाम दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के डुमरावां गांव निवासी 19 वर्षीय सोनू कुमार तथा बिहार थाना क्षेत्र के पहाड़पुरा निवासी 23 वर्षीय साहिल कुमार के रूप में की गई है। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध नालंदा साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। व्हाट्सएप के जरिए बिछाते थे ठगी का जाल साइबर डीएसपी ऋषभ आनंद ने बताया कि साइबर पुलिस पोर्टल से कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी मिली थी, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की गई। तकनीकी अनुसंधान में यह बात सामने आई कि आरोपी व्हाट्सएप के जरिए सीधे आम लोगों से संपर्क साधते थे। वे खुद को भारतीय स्टेट बैंक का लोन एजेंट या फिर केरल लॉटरी का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों को विश्वास में लेते थे। इसके बाद कम ब्याज दर पर आसान लोन स्वीकृत कराने अथवा लॉटरी में करोड़ों का ईनाम दिलाने का लालच देकर उनसे प्रोसेसिंग फीस व टैक्स के नाम पर विभिन्न खातों में रुपये ट्रांसफर करवा लेते थे। चार मोबाइल फोन बरामद पुलिस की छापेमारी टीम ने दीपनगर के डुमरावां गांव में दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। उनके पास से अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे कुल चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें तीन टचस्क्रीन स्मार्टफोन और एक कीपैड मोबाइल शामिल है। इस सफल उद्भेदन दल में नालंदा साइबर थाने के दारोगा कुंदन कुमार, अबु तालीब अंसारी, सिपाही पुनेश कुमार, चंदन कुमार, राजन कुमार मांझी, यश कुमार, ऋतु राज, चालक सिपाही निरंजन कुमार और गृह रक्षक संदीप कुमार व करण कुमार शामिल रहे। लोगों से सत्यापन करने की अपील घटना के खुलासे के बाद पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी अज्ञात फोन कॉल, व्हाट्सएप मैसेज, अनचाहे एसएमएस अथवा सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों पर बिना विभागीय पुष्टि के कतई भरोसा न करें और वित्तीय लेन-देन से बचें।

