नालंदा में साइबर अपराध के खिलाफ विशेष मुहिम:’साइबर मंगलवार’ से बदले हालात, अब ई-रिक्शा से प्रचार की तैयारी

नालंदा में साइबर अपराध के खिलाफ विशेष मुहिम:’साइबर मंगलवार’ से बदले हालात, अब ई-रिक्शा से प्रचार की तैयारी

नालंदा जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए नालंदा साइबर थाना पुलिस ने जागरूकता अभियान को तेज कर दिया है। साइबर डीएसपी ऋषभ आनंद के नेतृत्व में पुलिस टीम हर महीने के दूसरे और चौथे मंगलवार को विशेष अभियान ‘साइबर मंगलवार’ चला रही है। डीएसपी ऋषभ आनंद ने बताया कि ‘साइबर मंगलवार’ के तहत साइबर थाने की टीम और संबंधित स्थानीय थानों की पुलिस संयुक्त रूप से शैक्षणिक संस्थानों स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटरों का चयन करती है। वहां पहुंचकर विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ साइबर सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा की जाती है। सत्र के दौरान ऑनलाइन फ्रॉड के नए-नए तरीकों, फर्जी कॉल्स, ओटीपी शेयरिंग, लॉटरी और संदिग्ध लिंक से बचाव की बिंदुवार जानकारी दी जाती है। साथ ही, युवाओं को सीधे पुलिस तंत्र से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया जाता है। ठगों के झांसे में आने से बच रहे नागरिक, त्वरित मिल रही शिकायतें डीएसपी के अनुसार, इस सतत अभियान का बेहद सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। लोगों में सतर्कता बढ़ी है और वे अब छोटी-छोटी प्रलोभन वाली योजनाओं या अनजान कॉल्स के बहकावे में नहीं आ रहे हैं। आमजन को अब यह स्पष्ट जानकारी है कि ऑनलाइन लेन-देन के दौरान क्या करना है और क्या नहीं। ठगी का अंदेशा होते ही लोग तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज करा रहे हैं, जिससे पुलिस को भी त्वरित कानूनी कार्रवाई करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने में काफी सहूलियत मिल रही है।
संवेदनशील इलाकों में ई-रिक्शा से अनाउंसमेंट कराने की तैयारी अभियान की सफलता को देखते हुए पुलिस अब इसे और व्यापक रूप देने की योजना बना रही है। साइबर डीएसपी ने बताया कि भविष्य में हर हफ्ते सोमवार को शहरी क्षेत्रों और अधिक प्रभावित थाना इलाकों में सार्वजनिक अनाउंसमेंट कराई जाएगी। इसके तहत ई-रिक्शा अथवा प्रचार वाहनों के माध्यम से लाउडस्पीकर से आम लोगों को साइबर ठगी के पैटर्न और सुरक्षा उपायों से अवगत कराया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इस पहल से समाज के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंचेगी और अपराध पर प्रभावी लगाम लगेगी। नालंदा जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए नालंदा साइबर थाना पुलिस ने जागरूकता अभियान को तेज कर दिया है। साइबर डीएसपी ऋषभ आनंद के नेतृत्व में पुलिस टीम हर महीने के दूसरे और चौथे मंगलवार को विशेष अभियान ‘साइबर मंगलवार’ चला रही है। डीएसपी ऋषभ आनंद ने बताया कि ‘साइबर मंगलवार’ के तहत साइबर थाने की टीम और संबंधित स्थानीय थानों की पुलिस संयुक्त रूप से शैक्षणिक संस्थानों स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटरों का चयन करती है। वहां पहुंचकर विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ साइबर सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा की जाती है। सत्र के दौरान ऑनलाइन फ्रॉड के नए-नए तरीकों, फर्जी कॉल्स, ओटीपी शेयरिंग, लॉटरी और संदिग्ध लिंक से बचाव की बिंदुवार जानकारी दी जाती है। साथ ही, युवाओं को सीधे पुलिस तंत्र से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया जाता है। ठगों के झांसे में आने से बच रहे नागरिक, त्वरित मिल रही शिकायतें डीएसपी के अनुसार, इस सतत अभियान का बेहद सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। लोगों में सतर्कता बढ़ी है और वे अब छोटी-छोटी प्रलोभन वाली योजनाओं या अनजान कॉल्स के बहकावे में नहीं आ रहे हैं। आमजन को अब यह स्पष्ट जानकारी है कि ऑनलाइन लेन-देन के दौरान क्या करना है और क्या नहीं। ठगी का अंदेशा होते ही लोग तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज करा रहे हैं, जिससे पुलिस को भी त्वरित कानूनी कार्रवाई करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने में काफी सहूलियत मिल रही है।
संवेदनशील इलाकों में ई-रिक्शा से अनाउंसमेंट कराने की तैयारी अभियान की सफलता को देखते हुए पुलिस अब इसे और व्यापक रूप देने की योजना बना रही है। साइबर डीएसपी ने बताया कि भविष्य में हर हफ्ते सोमवार को शहरी क्षेत्रों और अधिक प्रभावित थाना इलाकों में सार्वजनिक अनाउंसमेंट कराई जाएगी। इसके तहत ई-रिक्शा अथवा प्रचार वाहनों के माध्यम से लाउडस्पीकर से आम लोगों को साइबर ठगी के पैटर्न और सुरक्षा उपायों से अवगत कराया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इस पहल से समाज के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंचेगी और अपराध पर प्रभावी लगाम लगेगी।  

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