भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं ज्ञान सहयोग को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय और ‘द यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया’ ने एक द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी मुंबई में आयोजित 10वें वार्षिक ‘आईसी3 कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो’ के मंच पर संपन्न हुई। इस अकादमिक समझौते के तहत दोनों प्रतिष्ठित संस्थान मिलकर संयुक्त शोध परियोजनाओं, शिक्षण कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन करेंगे। साथ ही, दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए नियमित आदान-प्रदान कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे अकादमिक संसाधनों के साझा उपयोग के साथ-साथ दोनों देशों के बीच बौद्धिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नया आयाम मिलेगा। कार्यक्रम का आयोजन मुंबई में हुआ मुंबई में आयोजित समारोह में नालंदा विश्वविद्यालय की ओर से प्रोफेसर सत्यनारायण शास्त्री एवं डॉ. मुनीर मैगरी उपस्थित रहे। वहीं द यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व कुलपति प्रोफेसर अमित चक्रमा और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेड कमिश्नर (इंडिया-गल्फ) डॉ. इयान मार्टिनस सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। छात्रों के लिए अवसर साझेदारी पर नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक फलक का निरंतर विस्तार कर रहा है। नालंदा के पुनरुत्थान में ऑस्ट्रेलिया की भूमिका आरंभ से ही महत्वपूर्ण रही है, ऐसे में यह करार दोनों देशों के ज्ञान संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करेगा। यह सहयोग UWA की आधुनिक वैज्ञानिक विशेषज्ञता और नालंदा की समृद्ध ज्ञान-परंपरा को एक साथ लाते हुए शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए वैश्विक स्तर पर नए द्वार खोलेगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं ज्ञान सहयोग को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय और ‘द यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया’ ने एक द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी मुंबई में आयोजित 10वें वार्षिक ‘आईसी3 कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो’ के मंच पर संपन्न हुई। इस अकादमिक समझौते के तहत दोनों प्रतिष्ठित संस्थान मिलकर संयुक्त शोध परियोजनाओं, शिक्षण कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन करेंगे। साथ ही, दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए नियमित आदान-प्रदान कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे अकादमिक संसाधनों के साझा उपयोग के साथ-साथ दोनों देशों के बीच बौद्धिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नया आयाम मिलेगा। कार्यक्रम का आयोजन मुंबई में हुआ मुंबई में आयोजित समारोह में नालंदा विश्वविद्यालय की ओर से प्रोफेसर सत्यनारायण शास्त्री एवं डॉ. मुनीर मैगरी उपस्थित रहे। वहीं द यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व कुलपति प्रोफेसर अमित चक्रमा और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेड कमिश्नर (इंडिया-गल्फ) डॉ. इयान मार्टिनस सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। छात्रों के लिए अवसर साझेदारी पर नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक फलक का निरंतर विस्तार कर रहा है। नालंदा के पुनरुत्थान में ऑस्ट्रेलिया की भूमिका आरंभ से ही महत्वपूर्ण रही है, ऐसे में यह करार दोनों देशों के ज्ञान संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करेगा। यह सहयोग UWA की आधुनिक वैज्ञानिक विशेषज्ञता और नालंदा की समृद्ध ज्ञान-परंपरा को एक साथ लाते हुए शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए वैश्विक स्तर पर नए द्वार खोलेगा।

