बारिश थमने के बाद नालंदा जिले की नदियों के जलस्तर में मामूली नरमी आई है, लेकिन बाढ़ से तबाही का सिलसिला थमा नहीं है। अस्थावां प्रखंड के ओंदा में जिरायन नदी का तटबंध टूटने से शुक्रवार को हालात और बिगड़ गए। पानी के प्रचंड दबाव के चलते कटाव का दायरा 25 फीट से बढ़कर करीब 70 फीट तक पहुंच गया है। खेतों में तेजी से पानी फैलने के कारण अस्थावां के छह गांवों पर बाढ़ का सीधा खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि बिंद प्रखंड के उतरथू और सलेमपुर के पास क्षतिग्रस्त तटबंधों को दुरुस्त कर बड़े खतरे को टाल दिया गया है। ढाई हजार बीघे में फसल बर्बाद, किसानों पर दोहरी मार ओंदा के महम्मदपुर खंधा के समीप तटबंध टूटने से ओंदा, नेरुत, गोमचक, मौलाना बिगहा और भिखनी बिगहा के किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। ढाई हजार बीघे से अधिक में लगी धान, मक्के और सब्जियों की फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं। ओंदा के मुखिया सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पानी का फैलाव लगातार नए इलाकों की ओर हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, तटबंध तक जाने के लिए सुगम रास्ता न होने के कारण निर्माण सामग्री पहुंचाने में आ रही दिक्कतों से मरम्मत कार्य में बाधा पहुंच रही है। सोहसराय में पुल के ऊपर से बहा पानी, उदेरा स्थान से कम हुआ डिस्चार्ज पंचाने नदी के उफान से बिहारशरीफ के निचले इलाके सोहसराय अड्डापर स्थित पुराने पुल के ऊपर से डेढ़ फीट पानी बहने लगा। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने पुल के दोनों किनारों पर बैरिकेडिंग कर दी है, फिर भी कुछ लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते दिखे। वहीं पश्चिमी इलाके में लोकाइन, भूतही और कड़ुआ नदियों के जलस्तर में गिरावट आई है। उदेरा स्थान बराज से डिस्चार्ज 16 हजार क्यूसेक से घटाकर 4 हजार क्यूसेक कर दिया गया है, जिससे तटीय इलाकों को आंशिक राहत मिली है। डीएम-एसपी और सांसद पहुंचे ग्राउंड जीरो पर हालात की गंभीरता को देखते हुए डीएम उदिता सिंह और एसपी हृदयकांत ने प्रभावित उतरथू व ओंदा का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने अधिकारियों को तटबंधों की 24 घंटे निगरानी, पीड़ितों को सूखा राशन, शुद्ध पेयजल, दवाइयां और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इधर, स्थानीय सांसद कौशलेंद्र कुमार ने भी कटाव स्थल पहुंचकर किसानों से मुलाकात की और अधिकारियों को बांध की मरम्मत युद्धस्तर पर पूरी करने को कहा। प्रशासन ने नागरिकों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर (06112-233168 एवं 8789858336) जारी किए हैं। बारिश थमने के बाद नालंदा जिले की नदियों के जलस्तर में मामूली नरमी आई है, लेकिन बाढ़ से तबाही का सिलसिला थमा नहीं है। अस्थावां प्रखंड के ओंदा में जिरायन नदी का तटबंध टूटने से शुक्रवार को हालात और बिगड़ गए। पानी के प्रचंड दबाव के चलते कटाव का दायरा 25 फीट से बढ़कर करीब 70 फीट तक पहुंच गया है। खेतों में तेजी से पानी फैलने के कारण अस्थावां के छह गांवों पर बाढ़ का सीधा खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि बिंद प्रखंड के उतरथू और सलेमपुर के पास क्षतिग्रस्त तटबंधों को दुरुस्त कर बड़े खतरे को टाल दिया गया है। ढाई हजार बीघे में फसल बर्बाद, किसानों पर दोहरी मार ओंदा के महम्मदपुर खंधा के समीप तटबंध टूटने से ओंदा, नेरुत, गोमचक, मौलाना बिगहा और भिखनी बिगहा के किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। ढाई हजार बीघे से अधिक में लगी धान, मक्के और सब्जियों की फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं। ओंदा के मुखिया सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पानी का फैलाव लगातार नए इलाकों की ओर हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, तटबंध तक जाने के लिए सुगम रास्ता न होने के कारण निर्माण सामग्री पहुंचाने में आ रही दिक्कतों से मरम्मत कार्य में बाधा पहुंच रही है। सोहसराय में पुल के ऊपर से बहा पानी, उदेरा स्थान से कम हुआ डिस्चार्ज पंचाने नदी के उफान से बिहारशरीफ के निचले इलाके सोहसराय अड्डापर स्थित पुराने पुल के ऊपर से डेढ़ फीट पानी बहने लगा। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने पुल के दोनों किनारों पर बैरिकेडिंग कर दी है, फिर भी कुछ लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते दिखे। वहीं पश्चिमी इलाके में लोकाइन, भूतही और कड़ुआ नदियों के जलस्तर में गिरावट आई है। उदेरा स्थान बराज से डिस्चार्ज 16 हजार क्यूसेक से घटाकर 4 हजार क्यूसेक कर दिया गया है, जिससे तटीय इलाकों को आंशिक राहत मिली है। डीएम-एसपी और सांसद पहुंचे ग्राउंड जीरो पर हालात की गंभीरता को देखते हुए डीएम उदिता सिंह और एसपी हृदयकांत ने प्रभावित उतरथू व ओंदा का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने अधिकारियों को तटबंधों की 24 घंटे निगरानी, पीड़ितों को सूखा राशन, शुद्ध पेयजल, दवाइयां और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इधर, स्थानीय सांसद कौशलेंद्र कुमार ने भी कटाव स्थल पहुंचकर किसानों से मुलाकात की और अधिकारियों को बांध की मरम्मत युद्धस्तर पर पूरी करने को कहा। प्रशासन ने नागरिकों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर (06112-233168 एवं 8789858336) जारी किए हैं।

