नाबालिग से दुष्कर्म में 20 साल कैद, पांच हजार जुर्मान:रामपुर पॉक्सो कोर्ट का फैसला, सोशल मीडिया पर पहचान, बुलाकर बनाया शिकार

नाबालिग से दुष्कर्म में 20 साल कैद, पांच हजार जुर्मान:रामपुर पॉक्सो कोर्ट का फैसला, सोशल मीडिया पर पहचान, बुलाकर बनाया शिकार

हिमाचल के रामपुर की विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने 14 वर्षीय नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में आरोपी ज्ञान दास को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में नामजद दूसरे आरोपी ज्ञान चंद को अपराध में संलिप्तता न पाए जाने पर अदालत ने बाइज्जत बरी कर दिया है। मामले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि पीड़ित नाबालिग लड़की आरोपी को सोशल मीडिया के जरिए जानती थी। 9 फरवरी 2024 को आरोपी ज्ञान दास (निवासी पांगी, तहसील कल्पा, जिला किन्नौर) ने इंस्टाग्राम पर मैसेज कर पीड़िता को बुलाया। इसके बाद वह नाबालिग को उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन अपने घर ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया तो परिणाम बुरे होंगे। रिश्तेदार के फोन के बाद बदला ठिकाना घटना वाली रात करीब 10 बजे जब पीड़िता के रिश्तेदार का फोन आया, तो आरोपी घबरा गया और नाबालिग को अपने दूसरे घर ले गया। अगले दिन आरोपी ने पीड़िता को उसके घर के पास छोड़ दिया। घर पहुंचकर जब पीड़िता ने परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई, तो परिजनों ने बिना देरी किए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 27 गवाहों की गवाही और सबूतों के आधार पर सजा पुलिस ने मामला दर्ज कर गहन जांच की और साक्ष्यों के आधार पर पॉक्सो कोर्ट में चार्जशीट पेश की। अदालत ने सुनवाई के दौरान 27 गवाहों के बयान दर्ज किए और पेश किए गए वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर ज्ञान दास को दोषी ठहराया। कोर्ट ने दोषी ज्ञान दास को 20 साल की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि सह-आरोपी ज्ञान चंद को निष्पक्ष सुनवाई के बाद बरी कर दिया गया।

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