बक्सर में नाबालिग लड़की के अपहरण कर उसे डांस पार्टी में नचाने के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा ने औद्योगिक थाना क्षेत्र निवासी हरि किशुन यादव, नागेंद्र कुमार और श्रवण कुमार को आईपीसी की धारा 363 के तहत दोषी माना। तीनों आरोपी तीन साल से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में थे। अदालत ने उन्हें जेल में बिताई गई अवधि के बराबर सजा सुनाई। एक-एक हजार रुपये जुर्माना, नहीं देने पर अतिरिक्त कैद अदालत ने तीनों दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर प्रत्येक को एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। विशेष अपर लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 10 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया था। 8 मई को घर से लापता हुई थी 14 वर्षीय लड़की अभियोजन के अनुसार, 8 मई 2023 को करीब 14 वर्षीय नाबालिग लड़की घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। कुछ दिनों बाद लड़की ने एक रिश्तेदार को अनजान नंबर से फोन किया। उसने बताया कि उसे प्रतापसागर गांव में एक डांस पार्टी में नाचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उसने जातिगत गाली-गलौज और छेड़छाड़ की भी जानकारी दी। चना गांव से बरामद हुई नाबालिग, एक आरोपी पकड़ा पीड़िता से मिली जानकारी के आधार पर परिजन ग्रामीणों के साथ 29 मई 2023 को चना गांव पहुंचे। वहां से नाबालिग को बरामद कर लिया गया। मौके से नागेंद्र कुमार को पकड़ लिया गया, जबकि हरि किशुन यादव फरार हो गया था। बाद में पीड़िता के बयान के आधार पर श्रवण कुमार का नाम भी मामले में सामने आया। 10 गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के बयान अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को दोषी करार दिया और न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि के बराबर सजा सुनाई।
अदालत ने पीड़िता को पीड़ित मुआवजा योजना के तहत एक लाख रुपये की सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है। बक्सर में नाबालिग लड़की के अपहरण कर उसे डांस पार्टी में नचाने के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा ने औद्योगिक थाना क्षेत्र निवासी हरि किशुन यादव, नागेंद्र कुमार और श्रवण कुमार को आईपीसी की धारा 363 के तहत दोषी माना। तीनों आरोपी तीन साल से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में थे। अदालत ने उन्हें जेल में बिताई गई अवधि के बराबर सजा सुनाई। एक-एक हजार रुपये जुर्माना, नहीं देने पर अतिरिक्त कैद अदालत ने तीनों दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर प्रत्येक को एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। विशेष अपर लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 10 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया था। 8 मई को घर से लापता हुई थी 14 वर्षीय लड़की अभियोजन के अनुसार, 8 मई 2023 को करीब 14 वर्षीय नाबालिग लड़की घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। कुछ दिनों बाद लड़की ने एक रिश्तेदार को अनजान नंबर से फोन किया। उसने बताया कि उसे प्रतापसागर गांव में एक डांस पार्टी में नाचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उसने जातिगत गाली-गलौज और छेड़छाड़ की भी जानकारी दी। चना गांव से बरामद हुई नाबालिग, एक आरोपी पकड़ा पीड़िता से मिली जानकारी के आधार पर परिजन ग्रामीणों के साथ 29 मई 2023 को चना गांव पहुंचे। वहां से नाबालिग को बरामद कर लिया गया। मौके से नागेंद्र कुमार को पकड़ लिया गया, जबकि हरि किशुन यादव फरार हो गया था। बाद में पीड़िता के बयान के आधार पर श्रवण कुमार का नाम भी मामले में सामने आया। 10 गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के बयान अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को दोषी करार दिया और न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि के बराबर सजा सुनाई।
अदालत ने पीड़िता को पीड़ित मुआवजा योजना के तहत एक लाख रुपये की सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है।

