जमुई कांड के मुख्य आरोपित नंदन और हरेराम गिरफ्तार:225 सोशल मीडिया यूजर्स चिन्हित, 15-20 दिन में सजा दिलाने का टारगेट

जमुई कांड के मुख्य आरोपित नंदन और हरेराम गिरफ्तार:225 सोशल मीडिया यूजर्स चिन्हित, 15-20 दिन में सजा दिलाने का टारगेट

जमुई कांड के मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच सोशल मीडिया गतिविधियों तक पहुंच गई है। गुरुवार को जिला प्रशासन और पुलिस ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले के मुख्य आरोपित नंदन यादव और हरेराम यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना से जुड़े वीडियो, एआई कंटेंट और पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली गतिविधियों को लेकर कुल 225 लोगों को चिन्हित किया गया है। जिलाधिकारी नवीन ने बताया कि घटना के बाद स्कूटी के नंबर से पीड़िता की पहचान हुई थी। इस मामले में तीन नाबालिगों को पकड़ा गया था, जिनमें से एक मिथिलेश चौधरी के बालिग होने की पुष्टि हुई है। हरेराम यादव को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा पुलिस के मुताबिक, नंदन यादव ने फायरिंग की थी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई और उसे गिरफ्तार कर लिया। हरेराम यादव को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। डीएम ने यह भी बताया कि नंदन यादव के पिता गनौरी यादव के खिलाफ 2003 के डबल मर्डर केस में कार्रवाई हुई थी और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हरेराम यादव की बालू खनन से जुड़ी गतिविधियों की भी जांच चल रही है। 120 लोगों पर केस दर्ज किया गया प्रशासन ने इस मामले में स्पीडी ट्रायल की तैयारी शुरू कर दी है। दीप्ति मोनाली और शिप्रा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनका लक्ष्य 15 से 20 दिनों में सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना है, ताकि आरोपितों को जल्द सजा दिलाई जा सके। एसपी विश्वजीत दयाल ने जानकारी दी कि पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में साइबर थाना कांड संख्या 45/26 के तहत 120 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। एआई से वीडियो बनाकर घटना को जातिगत रंग देने के मामले में साइबर थाना कांड संख्या 46/26 दर्ज हुआ है। कांड में कुल पांच गिरफ्तारियां हुई अब तक कुल 225 लोगों को चिन्हित किया गया है। इन्हें नोटिस भेजकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, इस कांड में कुल पांच गिरफ्तारियां हुई हैं, जबकि एक अन्य आरोपित की भूमिका की जांच अभी जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पीड़िता की पहचान, उसके पहनावे या घटना के समय को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी न करें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अपुष्ट वीडियो और एआई से तैयार सामग्री को प्रसारित न किया जाए। जमुई कांड के मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच सोशल मीडिया गतिविधियों तक पहुंच गई है। गुरुवार को जिला प्रशासन और पुलिस ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले के मुख्य आरोपित नंदन यादव और हरेराम यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना से जुड़े वीडियो, एआई कंटेंट और पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली गतिविधियों को लेकर कुल 225 लोगों को चिन्हित किया गया है। जिलाधिकारी नवीन ने बताया कि घटना के बाद स्कूटी के नंबर से पीड़िता की पहचान हुई थी। इस मामले में तीन नाबालिगों को पकड़ा गया था, जिनमें से एक मिथिलेश चौधरी के बालिग होने की पुष्टि हुई है। हरेराम यादव को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा पुलिस के मुताबिक, नंदन यादव ने फायरिंग की थी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई और उसे गिरफ्तार कर लिया। हरेराम यादव को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। डीएम ने यह भी बताया कि नंदन यादव के पिता गनौरी यादव के खिलाफ 2003 के डबल मर्डर केस में कार्रवाई हुई थी और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हरेराम यादव की बालू खनन से जुड़ी गतिविधियों की भी जांच चल रही है। 120 लोगों पर केस दर्ज किया गया प्रशासन ने इस मामले में स्पीडी ट्रायल की तैयारी शुरू कर दी है। दीप्ति मोनाली और शिप्रा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनका लक्ष्य 15 से 20 दिनों में सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना है, ताकि आरोपितों को जल्द सजा दिलाई जा सके। एसपी विश्वजीत दयाल ने जानकारी दी कि पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में साइबर थाना कांड संख्या 45/26 के तहत 120 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। एआई से वीडियो बनाकर घटना को जातिगत रंग देने के मामले में साइबर थाना कांड संख्या 46/26 दर्ज हुआ है। कांड में कुल पांच गिरफ्तारियां हुई अब तक कुल 225 लोगों को चिन्हित किया गया है। इन्हें नोटिस भेजकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, इस कांड में कुल पांच गिरफ्तारियां हुई हैं, जबकि एक अन्य आरोपित की भूमिका की जांच अभी जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पीड़िता की पहचान, उसके पहनावे या घटना के समय को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी न करें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अपुष्ट वीडियो और एआई से तैयार सामग्री को प्रसारित न किया जाए।  

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