नवादा में मानववादी संगठन अर्जक संघ का दो दिवसीय छठा जिला सम्मेलन गोनावां के मैरेज हॉल में शुरू हुआ। इसकी अध्यक्षता जिला संयोजक राम सहाय प्रसाद ने की, जबकि संघ के वरिष्ठ नेता उपेंद्र पथिक ने संचालन किया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के पाठ से हुई। इस दौरान संगठन के उद्देश्यों, सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने और मानववादी सोच को लोगों तक पहुंचाने पर बात की गई। सम्मेलन में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र प्रतीक ने बताया कि अर्जक संघ का मुख्य मकसद समाज से कुरीतियों और अंधविश्वास को खत्म कर मानववादी व्यवस्था बनाना है। ”समानता और सम्मान की भावना लाना समय की मांग” इसी मकसद से संगठन को आगे बढ़ाया जा रहा है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव के लिए मानववादी सोच को मजबूत करना जरूरी है। मुख्य अतिथि ऊषा सिंह ने कहा कि मानववाद से ही समाज में सुख, शांति और समृद्धि आ सकती है। उन्होंने महिला और पुरुषों को बराबर अधिकार देने, पितृसत्तात्मक व्यवस्था को चुनौती देने और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में समानता और सम्मान की भावना लाना समय की मांग है। सम्मेलन का उद्घाटन परमेश्वर मंडल ने किया। उन्होंने सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक समानता के लिए अर्जक संघ के कामों के बारे में बताया। अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित वक्ताओं ने मेहनत को सम्मान देने, मेहनतकश लोगों को एक करने और मानववादी विचार, व्यवहार, संस्कार व त्योहारों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव के लिए सब मिलकर कोशिश करें, यह जरूरी है। इस दौरान अर्जक मिशन को आगे बढ़ाने में खास भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे। बताया गया कि सम्मेलन में कई सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा होगी। वहीं, रात में संघ की प्रांतीय समिति की बैठक होगी, जिसमें सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव पर विस्तार से बात की जाएगी। नवादा में मानववादी संगठन अर्जक संघ का दो दिवसीय छठा जिला सम्मेलन गोनावां के मैरेज हॉल में शुरू हुआ। इसकी अध्यक्षता जिला संयोजक राम सहाय प्रसाद ने की, जबकि संघ के वरिष्ठ नेता उपेंद्र पथिक ने संचालन किया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के पाठ से हुई। इस दौरान संगठन के उद्देश्यों, सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने और मानववादी सोच को लोगों तक पहुंचाने पर बात की गई। सम्मेलन में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र प्रतीक ने बताया कि अर्जक संघ का मुख्य मकसद समाज से कुरीतियों और अंधविश्वास को खत्म कर मानववादी व्यवस्था बनाना है। ”समानता और सम्मान की भावना लाना समय की मांग” इसी मकसद से संगठन को आगे बढ़ाया जा रहा है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव के लिए मानववादी सोच को मजबूत करना जरूरी है। मुख्य अतिथि ऊषा सिंह ने कहा कि मानववाद से ही समाज में सुख, शांति और समृद्धि आ सकती है। उन्होंने महिला और पुरुषों को बराबर अधिकार देने, पितृसत्तात्मक व्यवस्था को चुनौती देने और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में समानता और सम्मान की भावना लाना समय की मांग है। सम्मेलन का उद्घाटन परमेश्वर मंडल ने किया। उन्होंने सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक समानता के लिए अर्जक संघ के कामों के बारे में बताया। अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित वक्ताओं ने मेहनत को सम्मान देने, मेहनतकश लोगों को एक करने और मानववादी विचार, व्यवहार, संस्कार व त्योहारों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव के लिए सब मिलकर कोशिश करें, यह जरूरी है। इस दौरान अर्जक मिशन को आगे बढ़ाने में खास भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे। बताया गया कि सम्मेलन में कई सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा होगी। वहीं, रात में संघ की प्रांतीय समिति की बैठक होगी, जिसमें सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव पर विस्तार से बात की जाएगी।

